दरभंगा (रजनीश के झा)। कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के स्टार्टअप सेल के मार्गदर्शन में चार नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को उद्योग विभाग, बिहार सरकार द्वारा संचालित “स्टार्टअप बिहार” योजना के अंतर्गत 10 लाख रुपये का बीज अनुदान (सीड फंड) प्रदान किया गया है। यह उपलब्धि न केवल संस्थान बल्कि पूरे मिथिला क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। स्टार्टअप सेल के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में चयनित स्टार्टअप्स का विवरण निम्नलिखित है:
कुमार तनिष्क – अपफाउंड प्राइवेट लिमिटेड
अपफाउंड एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित एकीकृत मंच है, जिसे भारतीय स्टार्टअप पारितंत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। यह मंच संस्थापकों, विद्यार्थियों, पेशेवरों, मार्गदर्शकों एवं संसाधन प्रदाताओं को एक ही स्थान पर जोड़ने का कार्य करता है। सह-संस्थापक खोज, नियुक्ति प्रक्रिया, मार्गदर्शन, निवेशक संपर्क एवं आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता जैसी सुविधाओं के माध्यम से यह विशेष रूप से द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के शहरों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहा है।आयुष शर्मा – पुनः एलएलपी
पुनः प्रोस्थेटिक एक उन्नत विद्युत-मांसपेशीय संकेत (ईएमजी) आधारित बायोनिक कृत्रिम हाथ विकसित कर रहा है, जो उपयोगकर्ता की मांसपेशियों से प्राप्त संकेतों को पढ़कर स्वाभाविक एवं सटीक गतिविधियों को संभव बनाता है। इस स्टार्टअप का उद्देश्य महंगे आयातित कृत्रिम अंगों के स्थान पर किफायती, उच्च गुणवत्ता एवं सुलभ सहायक तकनीक उपलब्ध कराना है, जिससे बड़ी संख्या में दिव्यांगजन लाभान्वित हो सकें।श्रुति मिश्रा – कलांगन प्राइवेट लिमिटेड
“कलांगन – कलाओं का आंगन” दरभंगा स्थित एक ब्रांड है, जो पर्यावरण-अनुकूल एवं सतत उत्पादों के निर्माण में कार्यरत है। इसके अंतर्गत जूट बैग, कैनवास उत्पाद, उपहार सामग्री, गृह सज्जा वस्तुएँ एवं अन्य प्राकृतिक उत्पादों का निर्माण किया जाता है। इस स्टार्टअप का उद्देश्य पारंपरिक कला एवं संस्कृति को प्रोत्साहित करना, पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना तथा स्थानीय महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना है।आर्यमान कुमार – वर्चुअलस्फेयर टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड
यह स्टार्टअप इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी समाधान के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। इसके अंतर्गत रेडियो आवृत्ति पहचान (आरएफआईडी) मॉड्यूल, रीडर, टैग, एंटीना एवं अन्य तकनीकी समाधान विकसित किए जा रहे हैं। यह उद्योगों के लिए उन्नत तकनीकी समाधान प्रदान कर नवाचार को बढ़ावा दे रहा है।स्टार्टअप सेल, दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के सतत मार्गदर्शन एवं संरक्षकता के अंतर्गत इन स्टार्टअप्स ने अपनी अवधारणाओं को सफल व्यावसायिक रूप प्रदान किया। उद्योग विभाग, बिहार सरकार द्वारा प्रदत्त 10 लाख रुपये का बीज अनुदान इन स्टार्टअप्स को उत्पाद विकास, प्रोटोटाइप निर्माण एवं बाजार विस्तार में सहायक सिद्ध होगा। कॉलेज के प्राचार्य ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि, “दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग नवाचार और उद्यमिता को निरंतर प्रोत्साहित कर रहा है। यह सफलता विद्यार्थियों की प्रतिभा, परिश्रम एवं स्टार्टअप सेल के मार्गदर्शन का परिणाम है। भविष्य में भी संस्थान युवा उद्यमियों को हर संभव सहयोग प्रदान करता रहेगा।” स्टार्टअप सेल का उद्देश्य विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाते हुए रोजगार सृजन की दिशा में प्रेरित करना है।

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