जिला में एग्रोस्टैक परियोजना अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर करने हेतु प्रखण्ड एवं पंचायत स्तर के सभी विभाग के कर्मियों यथा- राजस्व कर्मचारी, विशेष सर्वेक्षण कानूनगो, विशेष सर्वेक्षण अमीन, किसान सलाहकार, कार्यपालक सहायक, पंचायत रोजगार सेवक, पंचायत सचिव, विकास मित्र, आवास सहायक, आँगनवाड़ी सेविका एवं अन्य सभी विभाग के पंचायत स्तरीय कर्मियों को उक्त कार्य में सहयोग हेतु प्रतिनियुक्त किया गया है। साथ ही सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को उक्त कार्य के अनुश्रवण हेतु पंचायत आवंटित किया गया है। किसान रजिस्ट्री के लिए आवश्यक दस्तावेज आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, स्वयं के नाम से जमाबंदी होना अनिवार्य है। फार्मर रजिस्ट्री पीएम किसान सम्मान निधि सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए, फसल बीमा, के.सी.सी., सहायता अनुदान, फसल नुकसान पर वास्तविक क्षति का लाभ तथा सभी योजनाओं का लाभ एक डिजिटल पहचान के साथ लेने के लिए जरुरी है।
मधुबनी 11 फरवरी (रजनीश के झा)। किसानों की डिजिटल पहचान की महत्ता एवं किसानों की सुविधा को देखते हुए फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान के तृतीय चरण के तहत अब 14 फरवरी तक के लिए फार्मर रजिस्ट्रेशन कार्य का अवधि विस्तार किया गया है। जिससे कि कोई भी किसान फार्मर रजिस्ट्रेशन एवं इससे होने वाले लाभ से छूट न जाये। सभी किसान अपने नजदीकी CSC / वसुधा केंद्र पर जाकर निःशुल्क पंजीकरण कर सकते हैं। जिलाधिकारी, आनंद शर्मा फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान तृतीय चरण के कार्यों का प्रतिदिन संध्या में वर्चुअल माध्यम से स्वयं समीक्षा कर रहे है। समीक्षा के क्रम में अब तक कई वसुधा केंद्र संचालक का निबंधन रद्द किया गया है वही कई जवाबदेही तय करते हुए कई कर्मियों के मानदेय में भी कटौती की गई है। फार्मर रजिस्ट्री महा अभियान के क्रम में मंगलवार तक मधुबनी जिले के 1 लाख 49 हजार 941 के लगभग किसानों का फार्मर रजिस्ट्री हुआ है।सभी वरीय अधिकारी अपने आवंटित प्रखंडों में चल रहे महा अभियान के तहत कार्य की प्रगति का जायजा ले रहे है।

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