कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने में प्रशासन का सहयोग करें। साथ ही बाल विवाह अथवा बच्चों से संबंधित किसी भी आपात स्थिति की सूचना देने के लिए टोल फ्री नंबर 112, 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) तथा 181 (महिला हेल्पलाइन) पर संपर्क करने की जानकारी दी गई।कार्यक्रम में एसएसबी के जवानों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही। जागरूकता रथ के रवाना होते ही उपस्थित लोगों ने बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
मधुबनी (रजनीश के झा)। 48वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) कैंप मुख्यालय परिसर में राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, एसएसबी तथा ग्राम विकास युवा ट्रस्ट, मधुबनी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।इस अवसर पर “बाल विवाह मुक्त रथ” को एसएसबी के कमांडेंट गोविंद सिंह भंडारी, द्वितीय कमान अधिकारी हरेंद्र सिंह, महिला एवं बाल विकास निगम मधुबनी के डीपीएम हेमंत कुमार तथा ग्राम विकास युवा ट्रस्ट मधुबनी के प्रबंधन निदेशक नरेंद्र कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कमांडेंट गोविंद सिंह भंडारी ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति है, जिसके उन्मूलन के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि एसएसबी सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाता रहा है।महिला एवं बाल विकास निगम मधुबनी के डीपीएम हेमंत कुमार ने राष्ट्रीय महिला दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए महिला सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि बाल विवाह रोकथाम के लिए कानूनी प्रावधानों की जानकारी आमजन तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है।वही ग्राम विकास युवा ट्रस्ट मधुबनी के प्रबंधन निदेशक नरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में बाल विवाह की रोकथाम के उद्देश्य से यह “बाल विवाह मुक्त रथ” पूरे सप्ताह विभिन्न गांवों एवं सीमावर्ती इलाकों में भ्रमण करेगा। रथ के माध्यम से लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं उससे संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी।

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