मधुबनी : राष्ट्रीय महिला दिवस पर बाल विवाह एवं महिला सुरक्षा पर परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 13 फ़रवरी 2026

मधुबनी : राष्ट्रीय महिला दिवस पर बाल विवाह एवं महिला सुरक्षा पर परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन

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मधुबनी (रजनीश के झा)। जिले के जयनगर स्थित यमुना धर रूंगटा कन्या मध्य विद्यालय में राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बाल विवाह, महिला सुरक्षा एवं महिला सशक्तिकरण विषय पर एक विस्तृत परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक करने तथा उनके अधिकारों की जानकारी देने पर विशेष जोर दिया गया।यह कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकार तथा ग्राम विकास युवा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विषय से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।


कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास निगम, मधुबनी के डीपीएम हेमंत कुमार ने बाल विवाह और बाल मजदूरी जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास में बाधा उत्पन्न करता है। उन्होंने छात्राओं को जागरूक करते हुए कहा कि शिक्षा ही सशक्तिकरण का सबसे मजबूत माध्यम है और किसी भी परिस्थिति में कम उम्र में विवाह को स्वीकार नहीं करना चाहिए।वहीं ग्राम विकास युवा ट्रस्ट, मधुबनी के प्रबंधन निदेशक नरेंद्र कुमार सिंह ने बाल विवाह, बाल शिक्षा एवं बाल मजदूरी पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों को बताया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और इसके खिलाफ कड़े प्रावधान लागू हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी बच्चे के साथ अन्याय, बाल विवाह या शोषण की स्थिति उत्पन्न होती है तो तुरंत सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 112, 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) तथा 181 (महिला हेल्पलाइन) पर संपर्क किया जा सकता है। इन हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाती है।कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए और कई सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा संतोषजनक उत्तर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि समाज की जागरूकता और सामूहिक भागीदारी से ही इसे साकार किया जा सकता है।इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक हरिहर महरा सहित अन्य शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने तथा महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम छात्राओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ। इससे छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ा और वे अपने अधिकारों के प्रति अधिक सजग हुईं।

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