सभी सूचकांक में प्राप्त उपलब्धि के अनुसार नीचे से तीन प्रखंडों यथा-फुलपरास, पंडौल तथा राजनगर के चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक एवं प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक से कारण पृच्छा करने हेतु डीएम ने दिए निदेशमधुबनी 14 फरवरी (रजनीश के झा)। जिलाधिकारी, आनंद शर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को कार्यालय कक्ष में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा सभी उपाधीक्षक/प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निदेश दिया गया कि संस्थागत प्रसव संख्या में बढ़ोत्तरी कराएं, चतुर्थ ए०एन०सी० एवं संस्थागत प्रसव की समीक्षा की जाय एवं दोषी आशा / स्वास्थ्य कर्मी एवं बिचौलिया पर कड़ी कार्रवाई किया जाय। साथ ही, समीक्षा कर कार्य नहीं करने वाली आशा को नियम के तहत चयन मुक्त किया जाय। ए०एन०सी० प्राप्त लाभार्थी प्रसव हेतु कहाँ गये तथा किन कारणों से सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में संस्थागत प्रसव नहीं कराया गया, उनकी समीक्षा कर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करें, ताकि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिले। उन्होंने सभी सूचकांक में प्राप्त उपलब्धि के अनुसार नीचे से तीन प्रखंड फुलपरास, पंडौल एवं राजनगर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक एवं प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक से कारण पृच्छा करने का निदेश दिया गया। जटिल गर्भावस्था वाली महिला के लिए प्रत्येक प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक एवं प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक प्रत्येक दिन प्रसव हेतु जटिल गर्भावस्था वाली महिला से संबंधित महिलाओं का सूची तैयार कर दूरभाष के माध्यम से फालो-अप करेगें, ताकि उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का प्रबंधन के साथ-साथ प्लान्ड सी-सेक्शन को बढावा दिया जा सके। जिलाधिकारी ने निदेश दिया कि भव्या पोर्टल पर सभी प्रकार के गतिविधियों की प्रविष्टि कराई जाय। नियम संगत Vitals की प्रविष्टि हो रही है यह उपाधीक्षक / प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अनुश्रवण कर सुनिश्चित करें।
सी.सेक्शन की समीक्षा के कम निदेश दिया गया कि अनुमंडलीय अस्पताल में भी तत्काल कम से कम 10 सी0-सेक्शन प्रतिमाह किया जाय। उन्होंने ई-टेलीकम्युनिकेशन अधिक से अधिक कराने तथा 50 प्रतिशत से कम उपलब्धि वाले चिकित्सा पदाधिकारी से स्पष्टीकरण पूछने का निदेश दिया। जिलाधिकारी ने एन०आर०सी०, अनुमंडलीय अस्पताल, जयनगर में कुपोषित बच्चों को भेजने हेतु सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निदेश दिया। एन०सी०डी० उपचार का कार्य अधिक से अधिक कराते हुए स्किनिंग लक्ष्य अनुरूप उपचार कराये जाने का निदेश दिया गया। सभी स्वास्थ्य संस्थानों में निजी एम्बुलेंस, पैथोलॉजी, आशा/अन्य कर्मी के मिली-भगत से निजी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीज नहीं भेजा जाय, यह सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने जिलान्तर्गत अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउण्ड, नर्सिंग होम, क्लिनिक आदि का सतत जाँच कर नियम संगत कार्रवाई करने का हेतु भी निदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने MDA कार्यक्रम(सर्वजन दवा सेवन) में लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करने तथा कोई लक्षित व्यक्ति दवा से वंचित नही रहे, इसे संबंधित पदाधिकारी को सुनिश्चित कराने का निदेश दिया गया।

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