मधुबनी : नशा उन्मूलन को लेकर प्रशासन का सख्त रुख - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 16 फ़रवरी 2026

मधुबनी : नशा उन्मूलन को लेकर प्रशासन का सख्त रुख

  • NCORD बैठक में जिलाधिकारी ने ‘जीरो टॉलरेंस’ का दिया संदेश

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मधुबनी (रजनीश के झा),16 फरवरी। जिले को नशामुक्त बनाने विशेषकर सुखा नशा के विरुद्ध अभियान के तहत प्रशासन ने अपनी रणनीति और अधिक तेज कर दी है। इसी क्रम में नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन कमेटी (NCORD) की मासिक समीक्षा बैठक समाहरणालय स्थित जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने की। बैठक के दौरान नशीले पदार्थों का सेवन विशेषकर सुखा नशा का सेवन, तस्करी, अवैध भंडारण, बिक्री  पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नशा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज और भविष्य की पीढ़ी से जुड़ी गंभीर चुनौती है। इसे किसी भी सूरत में बढ़ने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों—पुलिस, उत्पाद, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं प्रशासनिक इकाइयों—को आपसी समन्वय के साथ ठोस एवं परिणामोन्मुख कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े तत्वों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।


बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश

नशीले पदार्थों की तस्करी, भंडारण एवं अवैध बिक्री पर निरंतर एवं प्रभावी निगरानी।

सीमावर्ती एवं संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष जांच एवं सघन अभियान।

विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों में नशा उन्मूलन को लेकर व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम।

नशे की लत से ग्रसित व्यक्तियों के उपचार, काउंसलिंग एवं पुनर्वास हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा समुचित व्यवस्था।

प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर विधिक कदम।


समीक्षा के क्रम में यह जानकारी दी गई कि औषधि निरीक्षकों द्वारा गत माह कुल 102 निरीक्षण किए गए, जिनमें 4 अभियोजन दर्ज किए गए। कार्रवाई के दौरान लगभग ₹4,02,893 मूल्य की औषधियां जब्त की गईं, जो अवैध गतिविधियों के विरुद्ध प्रशासन की सक्रियता को दर्शाता है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि NCORD के अंतर्गत की जा रही सभी गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा प्रत्येक विभाग अपनी कार्रवाई की अद्यतन रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करे। उन्होंने दोहराया कि नशामुक्त जिला बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी स्तरों पर गंभीर प्रयास जारी रहेंगे। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने अधिकारियों से आह्वान किया कि नशा उन्मूलन को केवल सरकारी कार्रवाई तक सीमित न रखते हुए इसे सामाजिक अभियान का स्वरूप दिया जाए, ताकि समाज का हर वर्ग इससे जुड़े और आने वाली पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखा जा सके। उक्त बैठक में पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार,पुलिस उपाधीक्षक रश्मि,प्रभारी पदाधिकारी विधि शाखा सिम्पा ठाकुर,उत्पाद अधीक्षक मधुबनी सहित सभी औषधि निरीक्षक आदि उपस्थित थे।

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