- हमें अपने जीवन में कभी भी अभिमान नहीं करना चाहिए : जगद गुरु पंडित अजय पुरोहित
- गोवर्धन महोत्सव एवं 56 प्रकार के भोग लगाए गए
कथाओं पर कभी संशय नहीं करना चाहिए
जगद गुरु पंडित श्री पुरोहित ने कहाकि परमात्मा एवं परमात्मा की कथाओं पर कभी संशय नहीं करना चाहिए। वृंदावन वासी प्रत्येक वर्ष इंद्र की पूजा करते हैं परमात्मा श्रीकृष्ण के कहाने पर वृंदावन वासियों ने इंद्र की पूजा बंद करके गोवर्धन पहाड़ की पूजा करी। यह बात जब इंद्र को पता चली तो इंद्र ने कोप करके प्रलयकारी मेघो को बंधन से खोलकर के आदेश दिया कि जाकर के ब्रज चौरासी वृंदावन में प्रलयकारी बारिश करो। जिससे सारा वृंदावन बह जाए। प्रलयकारी बारिश प्रारंभ हुई। समस्त वृंदावन वासी परमात्मा श्रीकृष्ण की शरणागति में आए और परमात्मा से प्रार्थना करी कि आप के कहने पर हमने इंद्र का पूजन ना करके गोवर्धन का पूजन किया। जिससे इंद्र कोप करके हमें मार देना चाहता है इसलिए हे परमात्मा अब आप ही हमारे प्राणो के रक्षक हैं। जब यह परमात्मा श्रीकृष्ण ने सुना तो परमात्मा ने वृंदावन वासियों से कहा कि आप सब अपने घर गृहस्थि की सामग्रियों को ले करके मेरे साथ चलें समस्त वृंदावन वासी परमात्मा के आदेश का पालन करते हुए परमात्मा के साथ चलें और गोवर्धन के पास पहुंच गए। यहां पर परमात्मा श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठाका अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठा लिया और वृंदावन वासियों को प्रलयकारी बारिश से बचाने के लिए पूरे 7 दिनों तक गोवर्धन पर्वत को उठाए रखा। अंत में इंद्र को अपने अपराध का एहसास हुआ और वह परमात्मा श्रीकृष्ण की शरणागति में आया उसने परमात्मा से क्षमा प्रार्थना करी भगवान ने उसको अभयदान दिया। इस तरह से हमें अपने जीवन में कभी भी अभिमान नहीं करना चाहिए। इस संबंध में जानकारी देते हुए समिति के अध्यक्ष मनोहर राय ने बताया कि शहर नगर पालिका के समीपस्थ चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर के तत्वाधान में जारी सात दिवसीय भागवत कथा मंगलवार को दोपहर ड़ेढ बजे समापन किया जाएगा। इससे पहले सुबह दस बजे से पांच कन्याओं का सर्वजाति निशुल्क विवाह उत्सव मनाया जाएगा और डेढ़ बजे के पश्चात भोजन-प्रसादी का वितरण किया जाएगा। समिति ने सभी क्षेत्रवासियों से कथा का श्रवण करने की अपील की।

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