सीहोर : सर्व जाति सामूहिक विवाह में कराया निशुल्क रूप से कन्याओं का विवाह - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026

सीहोर : सर्व जाति सामूहिक विवाह में कराया निशुल्क रूप से कन्याओं का विवाह

  • भागवत कथा का समापन-प्रेम के आगे उद्धव का ज्ञान हार गया : जगद गुरु पंडित अजय पुरोहित

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सीहोर। शहर के नगर पालिका के समीपस्थ चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर समिति के तत्वाधान में जारी सात दिवसीय भागवत कथा के अंतिम दिवस समिति के तत्वाधान में भव्य रूप से सर्व जाति सामूहिक विवाह उत्सव मनाया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में कन्याओं विवाह पूर्ण विधि-विधान से किया गया। वहीं कथा के अंतिम दिवस जगद गुरु पंडित अजय पुरोहित ने उद्धव और गोपियों के प्रेम और ज्ञान के संवाद का विस्तार से वर्णन करते हुए कहाकि उद्धवमन नहीं दस-बीस, एक थो वो श्याम संग गयो, कौन अराधे ईशÓ ज्ञानी उद्धव ब्रज की गोपियों का प्रेम देखकर सुध-बुध भूल गया। गोपियों के प्रेम के आगे उद्धव का ज्ञान हार गया। भगवान का नाम जपना शुरू करो। गोपियों ने कहा उद्धव तुम्हारा ज्ञान तुम्हारे पास रखो। हमारा तन कृष्ण है, मन कृष्ण है और रोम-रोम कृष्ण है। उद्धव हमारा एक मन था और वह कृष्ण के साथ चला गया। अब हम भगवान का भजन किस मन से करें, मन दस बीस नहीं है। उद्धव ने हर तरीके से गोपियों को ज्ञान का उपदेश देने का प्रयास किया लेकिन असफल रहे। गोपियों का प्रेम उद्धव के ज्ञान पर हावी हो गया और ज्ञान प्रेम से हार गया। प्रेम ज्ञान से बड़ा होता है। प्रेम से भगवान को पाया जा सकता है। प्रेम ही पत्थर में भगवान देख सकता है। प्रेम से संसार को जीता जा सकता है। मंगलवार को भगवान कृष्ण और उद्धव के सुंदर प्रसंग का वर्णन किया। इसे सुनकर सभी श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। एक समय भगवान श्री कृष्ण उदास बैठे थे, तभी उनके मित्र व परम भक्त उद्धव जी उनके पास आए और उनसे पूछा कि हे वासुदेव ऐसी कौन सी बात है, जिससे आप उदास हैं। तब श्री कृष्ण ने कहा कि हमें गोपियों की याद सता रही है। आप गोकुल जाओ और गोपियों को समझाओ कि कृष्ण जल्द गोकुल लौटेंगे। जब उद्धव ने गोपियों से श्रीकृष्ण प्रेम मोह छोड़ने की बात कही तो गोपियों ने कहा कि जिसे प्रेम का ज्ञान नहीं, वह ज्ञानी नहीं हो सकता। गोपियों का श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम देख उद्धव का अभिमान चूर चूर हो गया।


अनेक कन्याओं का विवाह कराया गया

शहर के छावनी स्थित चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर समिति के अध्यक्ष मनोहर राय ने बताया कि सात दिवसीय भागवत कथा के अंतिम दिवस सभी के सहयोग से भव्य रूप से अनेक कन्याओं का एक साथ निशुल्क सामूहिक विवाह पूर्ण विधि-विधान से संपन्न कराया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने नव विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और कथा के पश्चात भंडारे का आयोजन किया गया। 

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