सीहोर। जीवन में भगवान की कथा और मनुष्य की व्यथा कभी समाप्त नहीं होती। यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, जहां इंसान मोह, अपेक्षाओं और मन की चंचलता के कारण पीड़ा भोगता रहता है। यह व्यथा शारीरिक या मानसिक हो सकती है। यह बात शहर के वृन्दावन कालोनी में श्री सांवरिया सेठ एवं चौरासी महादेव प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिवस कथा वाचक रविन्द्राचार्य ने कहे। श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन मंगलवार को शिव पार्वती का विवाह समारोह आयोजित किया गया। इससे पहले भोलेनाथ की बारात लेकर गण गाजे बाजे के साथ नाचते गाते माता पार्वती के घर पहुंचे। जहां शिव-पार्वती विवाह संपन्न हुआ। शिव कथा का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि हरि कथा और मनुष्य की व्यथा कभी समाप्त नहीं होती। इस संबंध में जानकारी देते हुए समिति की अध्यक्ष उषा राज शर्मा ने बताया कि कथा के चौथे दिवस धु्रव चरित्र, प्रहलाद चरित्र, राम चरित्र के अलावा भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव आस्था और उत्साह के साथ मनाया जाएगा।
मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026
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सीहोर : भागवत कथा के तीसरे दिन शिव-पार्वती विवाह-मनुष्य की व्यथा कभी समाप्त नहीं होती
सीहोर : भागवत कथा के तीसरे दिन शिव-पार्वती विवाह-मनुष्य की व्यथा कभी समाप्त नहीं होती
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