- डीईसी और एल्बेंडाजोल दवा से फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में बड़ा कदम
सिविल सर्जन डॉक्टर हरेंद्र कुमार ने बताया स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया कि इस अभियान के दौरान स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर पात्र व्यक्तियों को दवा खिलाएंगे। इस दवा का सेवन फाइलेरिया संक्रमण को फैलने से रोकने में अत्यंत प्रभावी है। अभियान के दौरान जन सहभागिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, ताकि जिले के हर नागरिक तक यह पहल पहुंच सके। दवा सेवन के माध्यम से माइक्रोफिलेरिया पर नियंत्रण प्राप्त किया जा सकेगा, जिससे भविष्य में बीमारी के प्रसार पर रोक लगेगी।
किन लोगों को दवा नहीं दी जाएगी
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ.डी एस सिंह यह स्पष्ट किया गया कि गर्भवती महिलाएं, दो वर्ष से कम आयु के बच्चे एवं गंभीर रोगों से ग्रसित व्यक्तियों को यह दवा नहीं खिलाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम इन पात्रता मानदंडों का कड़ाई से पालन करेगी ताकि किसी को अनावश्यक दवा सेवन से असुविधा न हो।
सिविल सर्जन की अपील — “दवा जरूर खाएं, फाइलेरिया भगाएं”
सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने जिलेवासियों से अपील की कि वे दवा का सेवन अवश्य करें और आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा — “फाइलेरिया एक ऐसी बीमारी है जो जीवनभर अपंगता का कारण बन सकती है। लेकिन इस अभियान के माध्यम से हम इसे जड़ से समाप्त कर सकते हैं। बस आवश्यकता है कि हर व्यक्ति इस दवा का सेवन ईमानदारी से करे।”
जनजागरण और सामुदायिक सहयोग पर जोर
स्वास्थ्य विभाग, आंगनवाड़ी सेविका, नगर निगम एवं स्वयंसेवी संस्थाएं इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।पोस्टर-बैनर और माइक प्रचार के माध्यम से लोगों को फाइलेरिया और दवा सेवन के महत्व के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

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