कौशांबी : हाशमी नगर चक बाजापुर में महफ़िल-ए-शब-ए-इंतेज़ार का हुआ भव्य आयोजन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 10 फ़रवरी 2026

कौशांबी : हाशमी नगर चक बाजापुर में महफ़िल-ए-शब-ए-इंतेज़ार का हुआ भव्य आयोजन

  • साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष शहंशाह आब्दी ने की शिरकत

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कौशांबी (शीबू खान)। जनपद के हाशमी नगर चक बाजापुर स्थित मस्जिद वली अस्र (अ.स.) में बीती रात महफ़िल-ए-शब-ए-इंतेज़ार का 72वां भव्य आयोजन किया गया। यह ऐतिहासिक महफ़िल शिया इस्लाम के 12वें इमाम हज़रत इमाम मेंहदी (अ.स.) के इंतज़ार की याद में आयोजित की जाती है, जो बीते 72 वर्षों से लगातार अंजुमन फ़ौज-ए-हुसैनी एवं कमेटी सिपाहे मोहम्मद मेंहदी के तत्वावधान में आयोजित हो रही है। इस अवसर पर साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार शहंशाह आब्दी ने भी शिरकत कर महफ़िल की शोभा बढ़ाई। धार्मिक विद्वानों ने बताया कि इमाम मेंहदी (अ.स.) शिया इस्लाम के 12वें और अंतिम इमाम हैं, जिनका जन्म 15 शाबान 255 हिजरी (869 ई.) को समर्रा, इराक में हुआ था। उनके पिता इमाम हसन अल-असकरी (अ.स.) और माता नरजीस खातून थीं। मान्यता है कि वे क़यामत के निकट दुनिया में व्याप्त अन्याय और ज़ुल्म को समाप्त कर न्याय व शांति की स्थापना के लिए पुनः प्रकट होंगे। हर वर्ष की तरह इस बार भी महफ़िल में देशभर से आए नामचीन शायरों और मौलवियों ने शिरकत कर मनक़बत, नौहा और शायरी के माध्यम से इमाम मेंहदी (अ.स.) की शान में कलाम पेश किया। हजारों की संख्या में मोमिनीन और अकीदतमंदों ने इस ऐतिहासिक महफ़िल में भाग लिया। मुख्य अतिथि के रूप में रिज़वी कॉलेज के मैनेजर क़र्रार हुसैन (राशिद रिज़वी) उपस्थित रहे। महफ़िल की निज़ामत ज़ाहिद कानपुरी ने की। शायरी पेश करने वालों में प्रमुख रूप से शबरोज़ कानपुरी, सावन हल्लौरी, मुनव्वर जलालपुरी, आरिफ़ जौनपुरी, ज़मीर इलाहाबादी, इरम बनारसी, आबिद बुरहानपुरी सहित कई प्रसिद्ध शायर शामिल रहे, जिन्होंने अपने शानदार कलाम से माहौल को पूरी तरह रूहानी बना दिया। महफ़िल में प्रमुख रूप से मौलाना सैयद नजमुल हसन, मौलाना सैयद फैज़ान हैदर रिज़वी, मौलाना शाहीन हैदर आब्दी, कमेटी सदस्य सैयद मक़सूद हसन रिज़वी, सैयद मोहम्मद अख़्तर, सैयद फैज़ान जाफ़री, मोहम्मद रज़ा, सैयद ज़की मेहदी, सैयद सादिक मेहदी रिज़वी, सैयद ग़ाज़ी अब्बास, सैयद अब्बास जाफ़री, सैयद अहद मेहदी रिज़वी, सैयद हादी जाफ़री, सैयद मोहसिन जाफ़र, सैयद मोहम्मद काज़िम सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।

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