वाराणसी : मतदाता शुद्धिकरण का महाअभियान : 9.49 लाख नोटिस जारी, काशी में चुनावी पारदर्शिता की बड़ी परीक्षा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 16 फ़रवरी 2026

वाराणसी : मतदाता शुद्धिकरण का महाअभियान : 9.49 लाख नोटिस जारी, काशी में चुनावी पारदर्शिता की बड़ी परीक्षा

  • निरीक्षण पर उतरे मुख्य निर्वाचन अधिकारी, 28 फरवरी तक सुनवाई पूरी करने का लक्ष्य, बीएलओ को बताया लोकतंत्र की असली ताकत

Sir-varanasi
वाराणसी (सुरेश गांधी)। लोकतंत्र की बुनियाद को मजबूत और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में मतदाता सूची शुद्धिकरण का अभियान काशी में तेज रफ्तार पकड़ चुका है। सोमवार को नवदीप रिणवा ने वाराणसी में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम की जमीनी स्थिति का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने 389 वाराणसी दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्थित कम्पोजिट विद्यालय कबीरचौरा स्थित नोटिस सुनवाई केन्द्र का जायजा लिया तथा बाद में गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल में बीएलओ और सुपरवाइजरों से संवाद कर चुनावी प्रक्रिया की मजबूती पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने साफ संदेश दिया कि लोकतंत्र की असली ताकत मतदाताओं की भागीदारी है और प्रशासन का दायित्व है कि प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान अधिकार के प्रयोग में किसी प्रकार की बाधा न आने दी जाए।


आंकड़ों में दिखी चुनौती और तैयारी

जनपद में मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए चल रहे अभियान में बड़ी संख्या में विसंगतियां सामने आई हैं। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 25,80,502 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें से 1,62,888 मतदाता नो मैपिंग श्रेणी और 7,84,679 मतदाता लॉजिकल डिस्क्रीपेन्सी श्रेणी में चिन्हित किए गए हैं। इन विसंगतियों को दूर करने के लिए कुल 9,49,015 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। अब तक 2,87,102 नोटिस वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 1,99,322 मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है। प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया को 28 फरवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।


नोटिस सुनवाई केन्द्र पर जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की परखी नब्ज

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निरीक्षण के दौरान केन्द्र पर उपलब्ध सुविधाओं, शिकायत निस्तारण प्रणाली और नागरिकों को दी जा रही सेवाओं की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने वहां मौजूद मतदाताओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने तथा अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की गई और निर्वाचन प्रक्रिया में उनके सहयोग की सराहना की गई। इसके साथ ही बूथ और सोसायटी स्तर पर विशेष कैम्प, घर-घर सत्यापन, वीडियो कॉल वेरीफिकेशन तथा डिजिटल आईडी जांच जैसी नई व्यवस्थाओं को भी अभियान में शामिल किया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोकतंत्र की मजबूती मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान अधिकार से वंचित न रहे।


बीएलओ को बताया चुनावी व्यवस्था की रीढ़

संवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि विशेष पुनरीक्षण अभियान की सफलता पूरी तरह बीएलओ की कार्यक्षमता पर निर्भर है। उन्होंने निर्देश दिया कि जहां मतदाताओं की अधिक भीड़ हो, वहां अतिरिक्त कैम्प लगाकर कार्य में तेजी लाई जाए ताकि किसी भी नागरिक को परेशानी न हो। जिला निर्वाचन प्रशासन ने भी स्पष्ट किया कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है और घर-घर सत्यापन कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है। संवाद कार्यक्रम में 384 पिण्डरा, 385 अजगरा (अजा), 386 शिवपुर, 387 रोहनियां, 388 वाराणसी उत्तरी, 389 वाराणसी दक्षिणी, 390 वाराणसी कैण्टोमेन्ट और 391 सेवापुरी विधानसभा क्षेत्रों के बीएलओ और सुपरवाइजरों ने भाग लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां फार्म-6 और मैपिंग कार्य के लिए अधिक भीड़ हो, वहां अतिरिक्त कैम्प लगाकर मतदाताओं को सुविधा प्रदान की जाए।


उत्कृष्ट कार्य करने वालों को मिला सम्मान

कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले 24 बीएलओ, 8 सुपरवाइजर, 2 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और 1 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रशासन ने इसे चुनावी पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।


लोकतंत्र की विश्वसनीयता से जुड़ा अभियान

मतदाता सूची शुद्धिकरण का यह महाअभियान सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र की विश्वसनीयता से जुड़ा मिशन बन चुका है। काशी में चल रहा यह अभियान यह तय करेगा कि आने वाले चुनावों में हर मतदाता की भागीदारी सुनिश्चित हो और चुनावी व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी एवं विश्वसनीय बन सके।

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