- आईवीएफ सेक्टर में बड़ा कदम: 20 फरवरी से खुलेगा गौडियम आईवीएफ का आईपीओ
विस्तार योजनाओं को मिलेगी रफ्तार
कंपनी इस निर्गम से प्राप्त शुद्ध आय का उपयोग नए आईवीएफ केंद्रों की स्थापना के लिए पूंजीगत व्यय, कुछ ऋणों के पूर्ण या आंशिक पुनर्भुगतान/पूर्व भुगतान तथा सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) के माध्यम से जारी किए जा रहे ये इक्विटी शेयर बीएसई लिमिटेड और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड के मुख्य बोर्ड पर सूचीबद्ध किए जाने का प्रस्ताव है। इस निर्गम के लिए एनएसई को नामित स्टॉक एक्सचेंज बनाया गया है। इस इश्यू के लिए सार्थी कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को एकमात्र बुक रनिंग लीड मैनेजर (बीआरएलएम) नियुक्त किया गया है।
बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के तहत निर्गम
यह ऑफर प्रतिभूति अनुबंध (विनियमन) नियम, 1957 के नियम 19(2)(b) तथा सेबी (आईसीडीआर) विनियमों के विनियम 31 के अंतर्गत किया जा रहा है। निर्गम को सेबी (आईसीडीआर) विनियमों के विनियम 6(1) के तहत बुक बिल्डिंग प्रक्रिया से संचालित किया जाएगा। निर्गम का अधिकतम 50% हिस्सा योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के लिए आरक्षित होगा। क्यूआईबी हिस्से का अधिकतम 60% एंकर निवेशकों को आवंटित किया जा सकता है, जिसमें 33.33% घरेलू म्यूचुअल फंडों तथा 6.67% जीवन बीमा कंपनियों एवं पेंशन फंडों के लिए आरक्षित रहेगा, बशर्ते वैध बोलियां एंकर मूल्य या उससे अधिक पर प्राप्त हों। गौरतलब है कि यह आईपीओ न केवल कंपनी की विकास रणनीति को नई गति देगा, बल्कि महिला स्वास्थ्य और आईवीएफ सेवाओं के क्षेत्र में बढ़ती मांग के बीच निवेशकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत कर सकता है।

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