नई दिल्ली , कांग्रेस नेता शशि थरूर ने पूर्व सेना प्रमुख एम. एम. नरवणे के अप्रकाशित ‘संस्मरण’ को सोमवार को लोकसभा में उद्धृत करने से राहुल गांधी को रोके जाने को लेकर उत्पन्न विवाद के बीच कहा कि सरकार की अतिशयोक्तिपूर्ण प्रतिक्रिया के कारण सदन की कार्यवाही ठप करनी पड़ी है। उन्होंने यह सवाल भी किया कि आखिर सरकार चर्चा से क्यों डर रही है। इस विवाद पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में थरूर ने कहा, ‘‘सरकार की ओर से बेवजह जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया दी गई। जहां तक मेरी समझ है, गांधी जिस मुद्दे को उठाना चाहते थे, वह पहले से ही सार्वजनिक रूप से मौजूद है।’’ उन्होंने कहा कि गांधी ने ‘कारवां’ पत्रिका में प्रकाशित एक लेख के आधार पर बात रखी, जिसमें जनरल नरवणे के अप्रकाशित संस्मरणों का हवाला दिया गया है। तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘‘इसलिए सरकार को इस बात पर आपत्ति जताने के बजाय कि वह पुस्तक अभी प्रकाशित नहीं हुई है, उन्हें बोलने देना चाहिए था, क्योंकि वह पत्रिका वैसे भी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। राहुल जी ने जो लेख पढ़ा है, वह कोई भी व्यक्ति पढ़ सकता है। मैंने स्वयं अभी उसे पढ़ा है और दूसरे लोग भी अब उसे पढ़ रहे हैं।’’ थरूर ने आरोप लगाया कि सरकार की अतिशयोक्तिपूर्ण प्रतिक्रिया ने बिना किसी आवश्यकता के सदन की कार्यवाही ठप कर दी। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘मेरे विचार में संसद के लिए यह अधिक उचित होता कि चर्चा को आगे बढ़ने दिया जाता, क्योंकि संसद का उद्देश्य ही चर्चा करना है।’’
मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026
दिल्ली : पुस्तक विवाद पर थरूर का निशाना : चर्चा से सरकार क्यों डर रही?
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