सीहोर। फूड प्वाइजनिंग के चलते हुई दो सौ से अधिक भेंड़ों की मृत्यु के मामले में पार्वती थाना पुलिस के द्वारा अबतक संबंधित हल्दी विक्रेता के विरूध एफआइआर दर्ज नहीं की गई है तो वहीं पीडि़त पशु पालक को मुआवजा राशि भी नहीं मिली है। जबकी ग्राम पंचायत मैना के द्वारा भी विधायक गोपाल इंजीनियर के लिए लिखे पत्र में घटना की पुष्टी करते हुए पीडि़त की मदद करने की अनुशंसा की गई है। जनसुनवाई में मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर पीडि़त पशु पालक ने पशु चिकित्सा विभाग की पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने एफआइआर दर्ज कराने और पर्याप्त मुआवजा राशि उपलब्ध कराने की मांग कलेक्टर से की है। कलेक्ट्रेट पहुंचे भेंड़ पालक थानाराम पुत्र हकमाजी देवासी एवं हरतिगाराम देवासी निवासी बादनवाड़ी तहसील आहोर जिला जालौर राजस्थान ने बताया कि 24 फरवरी को मेरी भेड़ें मैना चौकी, थाना पार्वती आष्टा क्षेत्र में चर रही थीं। उसी दिन हाट बाजार आष्टा से लाई गई हल्दी को सामान्य उपचार के लिए भेड़ों को पिलाने के बाद,अचानक भेड़ों में फूड प्वाइजनिंग के गंभीर लक्षण दिखाई देने लगे और लगभग 250 भेड़ें बीमार हो गई जिनमें से 200 भेड़ों की दो दिनों के भीतर मृत्यु हो गई। जिस कारण अत्यंत भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। परिवार की आजीविका संकट में आ गई है।
मंगलवार, 17 मार्च 2026
सीहोर : फूड प्वाइजनिंग से भेड़ों की सामूहिक मृत्यु पर पुलिस नहीं कर रही है एफआइआर
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