सीहोर : आज किया जाएगा देवी का विशेष श्रृंगार - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 27 मार्च 2026

सीहोर : आज किया जाएगा देवी का विशेष श्रृंगार

  • मरीह माता मंदिर में नवरात्रि के अंतिम दिन भंडारे में उमड़ा आस्था का सैलाब, आठ हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने की प्रसादी ग्रहण

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सीहोर। शहर के विश्रामघाट स्थित चौसट योगिनी मरीह माता मंदिर में चैत्र नवरात्रि के अंतिम दिन है और इस दिन मां भगवती की 9वीं शक्ति मां सिद्धिदात्री देवी की पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की ऐसा विश्वास है कि इनकी पूजा पूरे विधि विधान के साथ करने वाले उपासक की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। नवरात्रि का पर्व आस्था और उत्साह के साथ मनाया, इस मौके पर शुक्रवार की सुबह चार बजे से ही यहां पर भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर रात्रि तक जारी रहा। नवरात्रि के अंतिम दिन यहां पर मौजूद श्रद्धालुओं के द्वारा मां दुर्गा की नौवीं शक्ति मां सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना की गई और सुबह दस बजे यहां पर जारी यज्ञ में पूर्णाहुति दी गई। इसके बाद भंडारे का शुभारंभ किया। भव्य भंडारे में शहर सहित आस-पास से आए करीब आठ हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। मंदिर के व्यवस्थापक गोविन्द मेवाड़ा, रोहित मेवाड़ा, जिला संस्कार मंच के जितेन्द्र तिवारी, पंडित उमेश दुबे, ज्योतिषाचार्य पंडित गणेश शर्मा, सुनील चौकसे, यश अग्रवाल, रामू सोनी, पंकज झंवर, हृदेश राठौर आदि ने कन्याओं को चुनरी भेंट की। भंडारे का आयोजन सभी के सहयोग से किया गया था, वहीं देर रात्रि को महा अष्टमी के पावन अवसर पर हर साल की तरह महानिशा आरती का आयोजन भी किया गया था। अब शनिवार को देवी का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। व्यवस्थापक रोहित मेवाड़ा ने बताया कि मरीह माता मंदिर वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र है, मंदिर परिसर में हर नवरात्रि पर पूजा अर्चना की जाती है। उन्होंने बताया कि साल में चार नवरात्रि पर कन्याओं की पूजन की जाती है और भंडारे का आयोजन दो नवरात्रि चैत्र और शरदीय पर होता है। करीब 150 साल से यहां पर पूजा अर्चना का क्रम जारी है।


मां सिद्धिदात्री अष्ट सिद्धि से युक्त हैं

जिला संस्कार मंच के संयोजक मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि राम नवमी के दिन मां दुर्गा की नौवीं शक्ति मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है। नवमी पर नवरात्रि का समापन होता है, मां सिद्धिदात्री अष्ट सिद्धि से युक्त हैं, मान्यता है कि नवरात्रि के आखिरी दिन दुर्गा नवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा करने वालों समस्त सिद्धियों का ज्ञान प्राप्त होता है, बुद्धि और विवेक में वृद्धि होती है। गंधर्व, किन्नर, नाग, यक्ष, देवी-देवता और मनुष्य सभी इनकी कृपा से सिद्धियों को प्राप्त करते हैं। इस दिन माता की पूजा के बाद हवन, कन्या पूजन किया जाता है और फिर नवरात्रि व्रत का पारण करते हैं। मां भक्तों को हर प्रकार की सिद्धि प्रदान करती हैं। उनको मां दुर्गा की 9 वीं शक्ति माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि जो भी पूरी विधि से उनकी साधना करता है उसे पूर्ण सृष्टि का ज्ञान प्राप्त होता है और उसमें ब्रह्मांड पर विजय प्राप्त करने की क्षमता आ जाती है। देवी सिद्धिदात्री का वाहन सिंह है। वह कमल पुष्प पर भी आसीन होती हैं। 

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