सीहोर : कलेक्टर के नाम दिया राष्ट्रीय पशुपालक संघ के पदाधिकारियों ने डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 2 मार्च 2026

सीहोर : कलेक्टर के नाम दिया राष्ट्रीय पशुपालक संघ के पदाधिकारियों ने डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन

  • जहरीली हल्दी से गई थी 200 भेड़ों की जान, आष्टा के ग्राम मैना के पास हुई थी भेड़ों के झुंड के साथ बड़ी घटना
  • राष्ट्रीय पशुपालक संघ ने की पीडि़त को मुआवजा देने, और दोषी दुकानदार पर सख्त कार्रवाही करने की मांग

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सीहोर। राष्ट्रीय पशुपालक संघ द्वारा दो सौ भेड़ों की मौत से पीडि़त पशुपालक को पर्याप्त मुआवजा देने और जहरीली हल्दी बेचने वाले दुकानदार पर सख्त कानूनी कार्रवाही किए जाने की मांग प्रशासन से की गई। राष्ट्रीय पशुपालक संघ के अध्यक्ष जवाहर देवासी के नेतृत्व में सोमावर को कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर पशु पालकों और संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्टर के नाम का ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर जमील खान को दिया। पारंपरिक रूप से वर्षो से मौसमी चाराई के लिए राजस्थान से गरीब पशुपालक अपने पशुओं के साथ मध्य प्रदेश पहुंचते रहे है। इसी प्रकार राजस्थान के जालोर जिले के गा्रम बादनवाड़ी, तहसील आहोर से 250 भेड़ों के झुंड को लेकर नागाराम, पिता हकमा देवासी और ग्राम काम्बा से हरतिगा राम, पिता रूपाराम देवासी सीहेार जिले के आष्टा तहसील के ग्राम मैना थाना पार्वती के पास ठहरे हुए थे। बीते माह 24 फरवरी को आष्टा हाट बाजार से एक व्यापारी के माध्यम से पशुपालको ने हल्दी खरीदी और भेड़ों को खिलाई दी। हल्दी खिलाने के कुछ ही समय बाद भेड़ों में तेज बुखार, मुंह से झाग आने लगा। भेड़ कमजोरी से गिर कर तड़पने लगी और उपचार के प्रयासों के बावजूद 200 भेड़ों की मृत्यु हो गई। पशुपालक की लगभग 50 भेड़ें गंभीर रूप से अभी भी बीमार बनी हुई हैं जिनकी स्थिति चिंताजनक है। मिलावटी जहरीली हल्दी के कारण यह दुखद घटना घटित हुई। गरीब पशुपालक परिवारों पर अत्यंत गंभीर आर्थिक एवं मानसिक आघात लगा है। इतनी बड़ी संख्या में भेड़ों की मृत्यु से पशुपालकों को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति हुई है। राष्ट्रीय पशुपालक संघ ने घटना की तत्काल निष्पक्ष जांच कर संबंधित दोषी व्यापारी के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही करने,पशु चिकित्सा एवं राजस्व विभाग द्वारा मौके पर सर्वे कर मृत भेड़ों का पंचनामा तैयार कराया जाने,मध्य प्रदेश शासन एवं केंद्र शासन की पशुपालक भेड़पालक सहायता योजनाओं के अंतर्गत प्रति मृत भेड़ के अनुसार उचित मुआवजा राशि शीघ्र स्वीकृत कर प्रदान करने और शेष बीमार भेड़ों के समुचित उपचार के लिए चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाने की मांग की है।

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