- गुलरपुरा के दंपत्ति को जमीन से किया गया बेदखल

सीहोर। आत्महत्या की अनुमति देने के लिए बुजूर्ग पति पत्नि ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित जनसुनवाई में पहुंचकर आवेदन दिया। बुजूर्गो का कहना था भैरुदा तहसीलदार ने सीमांकन में गड़बड़ी कर उनकी पैत्रिक कृषिभूमि से उन्हे बेदखल कर दिया। न्याय के लिए अनेक सरकारी दफतरों में अर्जी दे चुके है लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं हुआ। तहसील भैरुदा के ग्राम गुलरपुरा निवासी लक्ष्मीनारायण योगी और उनकी पत्नि सौरम बाई ने कलेक्ट्रेट में मीडिया कर्मियों को बताया कि कृषि भूमि पर पचास साल पुराना कब्जा था इसी जमीन पर घर बना हुआ है। इसी जमीन के पास रामौतार की पट्टे की जमीन लगी हुई है। तहसीलदार और पटवारी ने उनकी जमीन का सीमाकंन किया और मेरे अधिपत्य की जमीन उसी के नाम कर दी। घर से बाहर निकलने तक की जगह नही छोड़ी है। घर के चारो और फसल की बोवनी कर दी है। घर में कृषि उपयोगी सामान खराब हो रहा है। संबंधित जान से मारने की धमकी दे रहा है। तहसीलदार पंचनामे की फोटो कापी भी नहीं दे रहे है। मेरे पास रास्ता तक नहीं है। कोई दस्तावेज भी नहीं दिखा रहा है। तहसील और पुलिस थाने के चक्कर काट रहा हुं लेकिन कोई मदद नहीं मिल रही है। हम दोनों बुजुर्ग घर से बेघर हो गए है। न्याय नहीं मिलने से दुखी है आत्म हत्या करने के अलावा और कोई हल नहीं है।
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