वाराणसी : काशी विश्वनाथ धाम में विशेष अनुष्ठान, भक्तिभाव में सराबोर हुआ पूरा परिसर - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शुक्रवार, 27 मार्च 2026

वाराणसी : काशी विश्वनाथ धाम में विशेष अनुष्ठान, भक्तिभाव में सराबोर हुआ पूरा परिसर

Ram-navmi-anushthan-sehore
वाराणसी (सुरेश गांधी)। आस्था की राजधानी काशी में चैत्र नवरात्रि की नवमी और रामनवमी का पावन संयोग अद्भुत आध्यात्मिक छटा बिखेरता नजर आया। श्री काशी विश्वनाथ धाम में इस अवसर पर विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया, जिसमें देवी आराधना और प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव का भावपूर्ण समागम देखने को मिला। नवरात्रि की नवमी तिथि पर धाम में स्थापित देवी स्वरूप कलश का विधिवत पूजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन संपन्न हुआ, जिसकी पवित्र अग्नि में आहुति देकर समस्त लोककल्याण की कामना की गई। वातावरण में घुली हवन की सुगंध और मंत्रों की गूंज ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया।  पूजन के उपरांत कन्या पूजन का विशेष आयोजन किया गया, जो सनातन परंपरा में देवी स्वरूप बालिकाओं के सम्मान का प्रतीक माना जाता है। मंदिर न्यास द्वारा कन्याओं का आदरपूर्वक स्वागत किया गयाकृउन्हें चुनरी ओढ़ाई गई, चरण धोकर विधिवत आसन ग्रहण कराया गया और दक्षिणा प्रदान की गई। इसके पश्चात श्रद्धापूर्वक उन्हें भोजन कराया गया। इस दृश्य ने ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते’ की भावना को साकार रूप में प्रस्तुत किया। इसी पावन दिवस पर रामनवमी के अवसर पर मंदिर परिसर में रामदरबार, श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान, की विशेष पूजन-अर्चना भी संपन्न हुई। मंदिर के विद्वान शास्त्रियों ने वैदिक रीति से पूजन कर प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव का स्मरण कराया।

कोई टिप्पणी नहीं: