- जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या ने विद्युत चालित चाक, पगमिल और दोना मेकिंग मशीनें सौंपीं, ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने वाले ग्राम प्रधान भी सम्मानित

वाराणसी (सुरेश गांधी)। माटीकला को आधुनिक तकनीक से जोड़कर ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में शनिवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड और उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय माटीकला जागरूकता एवं टूलकिट वितरण कार्यक्रम के दौरान कुल 69 लाभार्थियों को निःशुल्क मशीनों का वितरण किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या ने की। इस अवसर पर उन्होंने माटीकला से जुड़े 59 लाभार्थियों को निःशुल्क विद्युत चालित चाक एवं पगमिल मशीन प्रदान की, जबकि 10 लाभार्थियों को मोटराइज्ड दोना मेकिंग मशीन वितरित की गई। मशीनों के वितरण से कुम्हार समुदाय और माटीकला से जुड़े कारीगरों को आधुनिक उपकरणों के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में खादी ग्रामोद्योग को प्रोत्साहन देने वाले ग्राम प्रधानों को भी सम्मानित किया गया। खादी ग्रामोद्योग प्रोत्साहन योजना के तहत अपने-अपने ग्राम पंचायतों में ग्रामोद्योग की अधिकाधिक इकाइयों की स्थापना के लिए प्रत्येक विकासखंड से दो-दो ग्राम प्रधानों को सम्मान देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र प्रसाद पटेल, उपायुक्त उद्योग अभिषेक प्रियदर्शी, जिला/परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी यू.पी. सिंह, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी जौनपुर विनोद कुमार सिंह, ग्रामोद्योग अधिकारी भदोही राजेश सिंह, सहायक संजय प्रधान, वरिष्ठ सहायक पवन एवं अमन जायसवाल सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि माटीकला भारतीय ग्रामीण संस्कृति और पारंपरिक कारीगरी की पहचान है। सरकार की योजनाओं के माध्यम से इस परंपरा को आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़कर कारीगरों की आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें