सीहोर : 30 अप्रैल को किया जाएगा विशाल भंडारे का आयोजन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 27 अप्रैल 2026

सीहोर : 30 अप्रैल को किया जाएगा विशाल भंडारे का आयोजन

  • भव्य पंच कुण्डात्मक श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ में उमड़ा आस्था का सैलाब

Bhandara-sehore
सीहोर। शहर के प्राचीन सिद्धपीठ श्री नृसिंह लक्ष्मी मंदिर कोलीपुरा में पांच दिवसीय भव्य पंच कुण्डात्मक श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। देर रात्रि को यहां पर भजन संध्या का आयोजन किया गया, वहीं महायज्ञ के अंतर्गत नित्य पूजन, अभिषेक एवं अर्चन किया गया। श्री-श्री 1008 महामंडलेश्वर महंत रामभूषण दास महाराज के मार्गदर्शन में संत माधव दास महाराज के सानिध्य में पांच दिवसीय महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। यहां पर भव्य पंडाल लगाया गया है। इसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में धार्मिक वक्ताओं के द्वारा श्रद्धालुओं को यज्ञ की महिमा के बारे में बताया जा रहा है। सोमवार को मोहिनी एकादशी के पावन अवसर पर फलहारी प्रसादी का वितरण किया गया। इस मौके पर मुख्य यजमान श्रीमती नमिता अखिलेश राय, यात्रा प्रभारी सन्नी सरदार, यज्ञाचार्य पंडित कुणाल व्यास, सह प्रभारी रजत मुंदडा आदि ने यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं का प्रसादी का वितरण किया।


श्री महालक्ष्मी की पूजा-अर्चना की और मेहंदी, सिंदूर और अनार के दाने से श्री यंत्र की अर्चन

संस्कार मंच के प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि प्राचीन सिद्धपीठ पर भव्य पंच कुण्डात्मक श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का दिव्य अनुष्ठान वैशाख महापर्व का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर यहां पर आधा दर्जन से अधिक विप्रजनों के द्वारा सुबह हवन यज्ञ से पूर्व सभी ने श्री महालक्ष्मी की पूजा-अर्चना की और मेहंदी, सिंदूर और अनार के दाने से श्री यंत्र की अर्चन की और दोपहर में हवन में वेद मंत्रों के साथ आहुतियां दी गई। यज्ञाचार्य पंडित कुणाल व्यास सहित अन्य ने मंगलवार को भगवान गणेश और माता लक्ष्मी के श्री यंत्र की अर्चन की। महालक्ष्मी की वंदना से श्रद्धालुओं को मां लक्ष्मी की कृपा से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि लक्ष्मी कृपा प्राप्ति के लिए श्रीयंत्र का सरल पूजन विधान है जिसकी सहायता से साधारण व्यक्ति भी विशेष लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस यंत्र को तांबे, चांदी और सोने किसी भी धातु पर बनाया जा सकता है। ऐसी मान्यता है कि श्रीयंत्र, मां लक्ष्मी का प्रिय यंत्र है, इसीलिए इसकी पूजा करने से देवी लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। घर में विधि-विधान के साथ श्रीयंत्र की पूजा और अराधना करने से घर में सुख-संपत्ति, सौभाग्य और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। लेकिन इसकी स्थापना और पूजा करने के लिए कुछ बातों को मानना बेहद जरूरी है।  धन की देवी मां लक्ष्मी को कहा गया है, जिसकी पूजा सनातन धर्म में लक्ष्मी प्राप्ति के लिए सर्वोपरि है। हर कोई पूरी विधि विधान के साथ देवी लक्ष्मी और गणेश की पूजा अर्चना करते हैं, ताकि उनकी कृपा बनी रहे। मां लक्ष्मी होगी प्रसन्न, क्योंकि हर देवी देवता के लिए सनातन धर्म में अलग-अलग तरह के मंत्र होते हैं जो आपकी राशि और मुहूर्त के हिसाब से आपके ऊपर आने वाली बाधाओं को दूर करती है। 

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