- वाराणसी में नारी शक्ति का महासंग्राम : 28 को इतिहास रचेगा महिला सम्मेलन
- महिला सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने में जुटी भाजपा
बूथ से मंच तक, महिला सम्मेलन की भव्य तैयारी
भाजपा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि सम्मेलन को सफल बनाने के लिए बूथ स्तर तक संपर्क अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला मतदाता तक पहुंच बनाकर उन्हें इस ऐतिहासिक आयोजन से जोड़ना ही संगठन का लक्ष्य है। उन्होंने कहा यह कार्यक्रम सिर्फ स्वागत नहीं, बल्कि महिलाओं के साथ संवाद और उनके नेतृत्व को स्थापित करने का मंच है।
नेताओं की मौजूदगी से बढ़ा राजनीतिक तापमान
बैठक में क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए सम्मेलन की रूपरेखा रखी। इस दौरान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल, मेयर अशोक तिवारी. विधायक नीलकंठ तिवारी, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा समेत महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, प्रदेश मंत्री शंकर गिरी, मीना चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, क्षेत्रीय महामंत्री अशोक चौरसिया, कुसुम पटेल और विनिता चौरसिया के अलावा काशी क्षेत्र के मीडिया प्रभारी नवरतन राठी, जगदीश त्रिपाठी, राहुल सिंह, नवीन कपूर, संतोष सोलापुरकर, सुरेश सिंह, आत्मविशेश्वर, अशोक पटेल, मधुकर चित्रांश, ई. अशोक यादव, अभिषेक मिश्रा, सुरेंद्र पटेल, पवन सिंह, अरविन्द पटेल, प्रवीण सिंह गौतम, संजय सिंह, फौजदार सिंह आदि मुख्य रुप से उपस्थित थे. महिला मोर्चा और संगठन पदाधिकारियों की बड़ी भागीदारी ने यह संकेत दे दिया है कि भाजपा इस सम्मेलन को सिर्फ राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि “नारी शक्ति के महाअभियान” के रूप में स्थापित करने की रणनीति पर काम कर रही है।
साफ संदेशः ‘महिलाएं ही होंगी इस आयोजन की केंद्रबिंदु’
भाजपा नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार सम्मेलन की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं के कंधों पर होगीकृताकि यह संदेश जाए कि महिलाएं न सिर्फ भागीदारी बल्कि नेतृत्व करने में भी सक्षम हैं। 28 अप्रैल का यह महिला सम्मेलन अब सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वाराणसी से देशभर में नारी शक्ति के नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

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