उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के अधिकारों का विरोध करने का रहा है। उसने शाहबानो प्रकरण, तीन तलाक और अनुच्छेद 370 से प्रभावित कश्मीरी महिलाओं के अधिकार का विरोध किया। भारत के संविधान के अनुसार लोकसभा और विधानसभाओं का पुनर्गठन जनगणना के बाद परिसीमन आयोग द्वारा किया जाता है। वर्ष 2001 की जनगणना के बाद अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में यह निर्णय लिया था कि वर्ष 2026 के बाद पहली जनगणना तक परिसीमन स्थगित रहेगा, ताकि दक्षिणी राज्यों को संभावित नुकसान से बचाया जा सके। इसके बावजूद विपक्ष भ्रम फैला रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि परिसीमन से किसी भी राज्य के साथ अन्याय नहीं होगा और संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा। देश की 70 करोड़ महिलाएं इस घटनाक्रम को देख, समझ रही हैं और इसे याद रखेंगी। पत्रकार वार्ता के दौरान उपस्थित पत्रकारों के प्रश्नों के जबाब भाजपा मीडिया पैनलिस्ट के साथ ही भाजपा प्रदेश सहमीडिया प्रभारी विशाल बत्रा ने दिए। इस पत्रकार वार्ता में भाजपा जिला महामंत्री द्वय पंकज गुप्ता व तारा कटारिया,नपाध्यक्ष प्रिंस राठौर,जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र राजपूत,मीडिया प्रभारी प्रितेश राठौर,जिला मंत्री अल्का चौहान,मण्डल अध्यक्ष सुदीप प्रजापति,पवन जैन,अल्का चौहान,रितु जैन उपस्थित रहें। कार्यक्रम के अंत में आभार भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा ने किया।
सीहोर, 24 अप्रैल । भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” विषय पर एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। पत्रकार वार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा ने दोनों अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। तत्पश्चात पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट वंदना मार्तण्ड त्रिपाठी ने विषय को विस्तारपूर्वक रखते हुए इसे देश की आधी आबादी के अधिकारों और सम्मान से जुड़ा एक ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाला यह अधिनियम उनके राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होता। लेकिन कांग्रेस ने महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखकर महापाप किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने इस महत्वपूर्ण विषय पर सकारात्मक सहयोग देने के बजाय राजनीतिक स्वार्थ वश भ्रम फैलाने का प्रयास किया है, जो महिलाओं के हितों के विपरीत है। श्रीमती त्रिपाठी ने कहा कि नारी सब कुछ भूल सकती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती। प्रधानमंत्री ने महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने का बीड़ा उठाया है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्षी दलों का कृत्य संपूर्ण नारी शक्ति का अपमान है। उन्होंने कहा कि अधिनियम को रोकने का काम कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, डीएमके जैसे राजनीतिक दलों ने किया और महिलाओं-बहनों के अधिकार पर डाका डाला। विपक्षी दलों के विश्वासघात के खिलाफ मध्यप्रदेश सहित देशभर की महिलाओं में आक्रोश है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को महिलाएं सबक जरूर सिखाएंगी। उन्होंने कहा कि विडंबना यह है कि इस पर विपक्ष जश्न मनाता रहा। यह हर महिला का अपमान है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें