- हर बच्चा स्कूल में, तभी बनेगा सशक्त भारत
- शिक्षा समाज-राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी ताकत, कहा, इसे जनांदोलन बनाएं : योगी आदित्यनाथ
शिक्षाः समाज की सबसे बड़ी शक्ति
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में शिक्षा को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि यदि समाज को समृद्ध और राष्ट्र को सशक्त बनाना है, तो प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा पहुंचाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा, “जब बच्चा साक्षर होता है, तो समाज विकसित होता है, प्रदेश समृद्ध होता है। लेकिन निरक्षरता समाज को निर्धन और प्रदेश को बीमारू बना देती है।” उन्होंने कहा, शिक्षा केवल ज्ञानार्जन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति और समाज के समग्र विकास की आधारशिला है।सीएम का सवाल, रुचि पढ़ने में नहीं या पढ़ाने में?’
मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की शिक्षा व्यवस्था को याद करते हुए एक प्रसंग साझा किया, जब एक विद्यालय में मात्र 10 बच्चे रह गए थे। कारण पूछने पर जवाब मिला, बच्चों में पढ़ने की रुचि नहीं है। इस पर उन्होंने सवाल उठाया, “रुचि पढ़ने में नहीं है या पढ़ाने में नहीं है?” उन्होंने कहा कि बच्चों की जिज्ञासा बढ़ाना शिक्षकों की जिम्मेदारी है और जब इसे ईमानदारी से निभाया जाएगा, तो परिणाम स्वतः बेहतर होंगे।
बदलती तस्वीर : ऑपरेशन कायाकल्प और निपुण योजना का असर
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के तहत 1.36 लाख से अधिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं विकसित की गई हैं। नीति आयोग ने भी इस प्रयास को देश की सफल कहानियों में शामिल किया है। ‘ऑपरेशन निपुण’ के माध्यम से बच्चों में सीखने की जिज्ञासा बढ़ी है, जबकि ड्रॉपआउट दर 19 प्रतिशत से घटकर 3 प्रतिशत पर आ गई है। मुख्यमंत्री ने इसे शून्य तक लाने का लक्ष्य रखते हुए शिक्षकों से विशेष प्रयास करने की अपील की।
हर घर दस्तकः 1 से 15 अप्रैल तक विशेष अभियान
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 1 से 15 अप्रैल तक शिक्षक घर-घर जाकर बच्चों को विद्यालय से जोड़ने का अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि यदि कोई बच्चा स्कूल से बाहर है, तो यह केवल परिवार नहीं, बल्कि पूरे समाज और सरकार की जिम्मेदारी है।
शिक्षा पर 80 हजार करोड़ का निवेश, योजनाओं का विस्तार
उन्होंने बताया कि प्रदेश में बेसिक शिक्षा पर 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा रहे हैं।
बच्चों को दो चरणों में निःशुल्क ड्रेस और पाठ्य सामग्री
राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर
25 लाख बालिकाओं को ‘सुमंगला योजना’ का लाभ
कस्तूरबा गांधी विद्यालयों का विस्तार
विद्यालयों में बदली तस्वीर, बढ़ा अभिभावकों का भरोसा
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि ‘स्कूल चलो अभियान’ बच्चों के भविष्य को संवारने का अभियान है। पिछले वर्षों में परिषदीय विद्यालयों में 97 फीसदी तक बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं, जिससे अभिभावकों का भरोसा बढ़ा है और ड्रॉपआउट दर घटी है।
गरीबों के बच्चों को नई उड़ानः अटल आवासीय विद्यालय
श्रम मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि अटल आवासीय विद्यालयों ने मजदूरों के बच्चों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। अब ये बच्चे बेहतर सुविधाओं के साथ पढ़ाई कर रहे हैं और नए अवसरों की ओर बढ़ रहे हैं।
नौनिहालों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, परोसा मिड डे मील
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ संवाद किया और ‘मिड डे मील’ योजना के अंतर्गत बने भोजन को अपने हाथों से परोसकर उन्हें खिलाया। इस दौरान बच्चों के चेहरे पर उत्साह और आत्मीयता साफ झलक रही थी। इससे पहले उन्होंने काशी के कोतवाल कालभैरव और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत दर्शन-पूजन कर प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की।
संदेश स्पष्टः “अब समय यशस्वी बनने का”
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा, “यह कुड़ने का समय नहीं, यशस्वी बनने का समय है। हर व्यक्ति इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बने और बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाए।”
सीएम ने किया दर्शन-पूजन
काशी प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभियान की शुरुआत से पहले आस्था की नगरी में माथा टेका। उन्होंने काशी के कोतवाल कालभैरव मंदिर में विधिवत दर्शन-पूजन किया, तत्पश्चात् काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का अभिषेक एवं पूजन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री का यह दौरा जहां शिक्षा के जनांदोलन का संदेश लेकर आया, वहीं आस्था और परंपरा से जुड़े उनके इस क्रम ने काशी की सांस्कृतिक गरिमा को भी पुनः रेखांकित किया।


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