समस्तीपुर : निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ समस्तीपुर में नागरिक समाज का प्रतिरोध मार्च - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

गुरुवार, 16 अप्रैल 2026

समस्तीपुर : निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ समस्तीपुर में नागरिक समाज का प्रतिरोध मार्च

  • एडमिशन री-एडमिशन प्रमोशन शुल्क विकास शुल्क वार्षिक शुल्क आदि तरह-तरह के शुल्क के नाम पर अविभावकों को शोषण बंद हो
  • समस्तीपुर जिलाधिकारी भी स्कूल में पठन सामग्री की बिक्री एवं कमीशनखोरी की जांच कर कारवाई करे- नागरिक समाज

Cpi-ml-samastipur-protest
समस्तीपुर (रजनीश के झा), 15 अप्रैल । समस्तीपुर में निजी स्कूलों द्वारा किताब, कॉपी, टाई, बेल्ट, डायरी, आईकार्ड और ड्रेस में कमीशनखोरी तथा एडमिशन, री-एडमिशन, प्रमोशन, विकास शुल्क और वार्षिक शुल्क आदि तरह-तरह के शुल्क के नाम पर अभिभावकों के शोषण के खिलाफ नागरिक समाज के लोगों ने जिला मुख्यालय में प्रतिरोध मार्च निकाला। मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से मांगों से संबंधित नारे लगाकर गुजरते हुए समाहरणालय पर पहुंचा जहां संयोजक सेवानिवृत्त सैनिक रामबली सिंह की अध्यक्षता एवं सह संयोजक सह भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह के संचालन में सभा आयोजित की गई। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि निजी विद्यालय मनमाने तरीके से अभिभावकों पर आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। स्कूलों द्वारा निर्धारित दुकानों से ही किताब, कॉपी और ड्रेस खरीदने का दबाव बनाया जाता है, जिससे अभिभावकों को अधिक कीमत चुकानी पड़ती है। हर साल किताब बदल दिया जाता है। इसके अलावा हर साल अलग-अलग नामों से शुल्क वसूला जा रहा है, जिसका कोई पारदर्शी हिसाब नहीं दिया जाता। अधिकांश स्कूलों द्वारा स्कूल में ही पठन सामग्री उच्च कीमत पर बेचा जाता है। वक्ताओं ने जिला प्रशासन से मांग की कि निजी स्कूलों की शुल्क संरचना एवं मूलभूत सुविधा की जांच कराई जाए और किताब, ड्रेस एवं अन्य सामग्रियों में कमीशनखोरी पर रोक लगाई जाए। साथ ही एडमिशन, री-एडमिशन, प्रमोशन, विकास शुल्क और वार्षिक शुल्क के नाम पर हो रही अवैध वसूली को तत्काल बंद कराया जाए। प्रतिरोध मार्च में शामिल लोगों ने चेतावनी दी कि यदि अभिभावकों के शोषण पर रोक नहीं लगी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। सभा के अंत में प्रशासन को मांग पत्र सौंपने का निर्णय लिया गया। मौके पर आइसा के सुनील कुमार, लोकेश राज, दीपक यदुवंशी, आरवाईए के रौशन कुमार, राजद के राम विनोद पासवान, प्रो० प्रेमलाल राम, अमित जायसवाल, राकेश ठाकुर, दीनबंधु प्रसाद, आर० के० दूबे, मनोज शर्मा, मनोज कुमार सिंह, पूर्व पार्षद अर्जुन राय, सुशील राय, मो० सगीर, रेल ट्रेड यूनियन नेता संतोष कुमार निराला, विश्वनाथ गुप्ता, कांग्रेस के विश्वनाथ सिंह हजारी, अधिवक्ता संजय कुमार बबलू, आदि उपस्थित थे।

कोई टिप्पणी नहीं: