पटना : संतुलित उर्वरक उपयोग पर कृषि अनुसंधान परिसर का जागरूकता अभियान - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026

पटना : संतुलित उर्वरक उपयोग पर कृषि अनुसंधान परिसर का जागरूकता अभियान

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पटना (रजनीश के झा), 24 अप्रैल। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर द्वारा 24 अप्रैल, 2026 को पटना जिले के दुल्हिन बाजार प्रखंड अंतर्गत सिलहौरी गांव में “उर्वरकों के संतुलित उपयोग” विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिकों ने रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक एवं अंधाधुंध उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों, जैसे मृदा की गुणवत्ता में गिरावट, फसल की गुणवत्ता में कमी तथा पर्यावरण प्रदूषण पर प्रकाश डाला। साथ ही, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर मृदा परीक्षण-आधारित उर्वरक उपयोग को अपनाने पर विशेष बल दिया गया। विशेषज्ञों ने दीर्घकालिक मृदा उर्वरता बनाए रखने के लिए गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट, हरी खाद, जैव उर्वरक तथा फसल चक्र जैसी समेकित पोषक तत्व प्रबंधन तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इस कार्यक्रम में कुल 51 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने खेतों के अनुभव साझा किए तथा व्यावहारिक समस्याओं के समाधान हेतु विशेषज्ञों से चर्चा की। इस संवादात्मक सत्र ने किसानों को उच्च उत्पादन प्राप्त करने के साथ-साथ पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करने हेतु संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. आशुतोष उपाध्याय, टीम लीडर एवं प्रभागाध्यक्ष, भूमि एवं जल प्रबंधन के नेतृत्व में डॉ. शंकर दयाल, डॉ. एस. के. अहिरवाल तथा डॉ. आरती कुमारी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में किसानों से अपील की गई कि वे संतुलित उर्वरक उपयोग को अपनाकर कृषि उत्पादकता बढ़ाएं तथा पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें।

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