पटना (रजनीश के झा), 28 अप्रैल। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा आज दिनांक 28 अप्रैल 2026 को ग्राम पचलाखा, प्रखंड खिजरसराय, जिला गया में “संतुलित उर्वरक उपयोग पर प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम” का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कुल 44 किसानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को उर्वरकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग के प्रति जागरूक करना था, जिससे फसल उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। प्रशिक्षण के दौरान रासायनिक उर्वरकों का संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग , मृदा उर्वरता बढ़ाने हेतु हरी खाद (ढैंचा) के प्रयोग का महत्व , सतत कृषि के लिए जैव उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा पर विस्तार से चर्चा की गई/ विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होती है, जबकि हरी खाद एवं जैव उर्वरकों के प्रयोग से मृदा की संरचना, सूक्ष्मजीव गतिविधि एवं दीर्घकालीन उर्वरता में सुधार होता है। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए अपने अनुभव साझा किए तथा विशेषज्ञों से विभिन्न कृषि संबंधी समस्याओं पर मार्गदर्शन प्राप्त किया।
मंगलवार, 28 अप्रैल 2026
पटना : “संतुलित उर्वरक उपयोग से समृद्ध खेती की ओर” पर कार्यशाला
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