पुराने विचारों से अभी भी तुम जुड़े हो क्या?
यह सारी बातें मुझसे तो तुम दूर ही रखो,
लड़की हो न तुम, फिर तो तुम ही गलत हो,
इसी सोच में अभी तक जकड़े हो क्या?
मत भूलो लड़की भी घर की रोशनी है,
उसमें भी हिम्मत और संजीविनी है,
दूसरों के लिए अपने सपनों को तोड़ कर,
हर दर्द को सहन कर, मुस्कुराती है,
फिर भी दुनिया उसे नजरअंदाज करती है,
नाजुक नहीं, किसी पैरों के नीचे दबी नहीं,
लड़कियों, तुम किसी की नफरत नहीं हो,
फिर तुम क्या, एक दिन यही दुनिया बोलेगी,
कि लड़की तुम कभी गलत नहीं हो।।
शिवानी पाठक
उम्र - 16 साल
उतरौडा, उत्तराखंड
टीम, गांव की आवाज

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