- श्रीराम यज्ञ में दो दर्जन से अधिक विप्रजन देंगे आहुतियां, राम राज्य की कल्पना को आज भी आदर्श माना जाता : यज्ञ संचालक पंडित दुर्गाप्रसाद कटारे
प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव समिति के अध्यक्ष रुद्रप्रकाश राठौर, मंदिर के पुजारी अनिल शर्मा, यज्ञचार्य पंडित दीपक शास्त्री आदि द्वारा किया जा रहा है। रविवार को दोपहर तीन बजे शहर के जगदीश मंदिर से कलश यात्रा निकाली जाएगी जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए हनुमान मंदिर स्थित यज्ञ शाला पहुंचेगी। इससे पहले पंचाग पूजन, मंडल प्रवेश, जलाधिवास, राम रक्षा स्त्रों एवं हनुमान चालीसा पाठ के अलावा अन्य दिव्य आयोजन किए जाऐंगे। श्री-श्री 108 पंडित दुर्गाप्रसाद कटारे ने बताया कि मानस सम्मेल का आयोजन भव्य रूप से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भगवान राम के कार्य में शहरी और ग्रामीण जन उपस्थित होकर धर्म लाभ ले। भगवान राम का अनुपम चरित्र प्रत्येक कालखंड में अनुकरणीय है। त्रेता युग में जन्मे राम की महिमा का गुणगान कलयुग में करने से राम भक्त भविष्य में आने वाली हर विघ्न-बाधा को सफलतापूर्वक पार कर लेते हैं। मर्यादा में रहकर भवसागर से कैसे करना है, इसका उदाहरण राम चरित्र में मिलता है, फिर वह चाहें एक पुत्र की मर्यादा हो अथवा भाई की मर्यादा, पति की मर्यादा, क्षत्रिय धर्म की मर्यादा, मानवीय मूल्यों की मर्यादा, राजा की मर्यादा इत्यादि, सभी मर्यादाओं का पालन विषम परिस्थितियों में श्री राम जी ने कष्टों को सहते हुए किया। त्रेतायुग से लेकर कलियुग में आज भी श्री राम की मर्यादा सभी के लिए प्रासंगिक है।

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