बैठक में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में खेल गतिविधियों के विस्तार पर भी विशेष चर्चा हुई। अधिक से अधिक बच्चों को खेलों से जोड़ने, उन्हें उचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को विकसित करने की योजनाओं पर विचार किया गया। साथ ही, दिव्यांग खिलाड़ियों को खेलों से जोड़ने के विषय को भी प्रमुखता से उठाया गया। अखिल भारतीय दिव्यांग आयाम प्रमुख राकेश गोस्वामी ने बताया कि देश की लगभग 22 प्रतिशत आबादी किसी न किसी रूप में दिव्यांगता से प्रभावित है, जबकि दिल्ली में यह आंकड़ा करीब 1.4 प्रतिशत है। उन्होंने क्रीड़ा भारती से अपील की कि वह इस वर्ग को खेलों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। इस अवसर पर ललित मोहन यादव ने आश्वस्त किया कि संगठन की पूरी टीम समर्पण भाव से कार्य करते हुए समाज के सभी वर्गों तक खेलों के महत्व को पहुंचाएगी। बैठक के अंतिम सत्र में राज चौधरी ने सभी को व्यस्त जीवनशैली के बीच भी स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। अंत में क्रीड़ा भारती दिल्ली प्रांत के अध्यक्ष एवं अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित भानु सचदेवा ने विश्वास व्यक्त किया कि संगठन खेलों के माध्यम से एक स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।
नई दिल्ली। क्रीड़ा भारती दिल्ली प्रांत की वार्षिक नियोजन बैठक का आयोजन आरएसएस मुख्यालय केशव कुंज, झंडेवालान में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। बैठक का शुभारंभ अखिल भारतीय क्रीड़ा भारती के महामंत्री राज चौधरी द्वारा माँ भारती और बजरंगबली को पुष्प अर्पित कर किया गया, जबकि दिल्ली प्रांत के महामंत्री ललित मोहन यादव ने शंखनाद कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की। इस बैठक में दिल्ली प्रांत के 13 जिलों में से 8 जिलों के महामंत्री और सहमंत्री उपस्थित रहे। बैठक के दौरान वर्षभर आयोजित किए जाने वाले प्रमुख कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें हनुमान जन्मोत्सव (2 अप्रैल), अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून), राष्ट्रीय खेल दिवस (29 अगस्त), माता जीजाबाई पुरस्कार और क्रीड़ा ज्ञान परीक्षा (6 सितंबर) जैसे महत्वपूर्ण आयोजन शामिल हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। अपने संबोधन में राज चौधरी ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण और बच्चों में मोबाइल व टीवी के अत्यधिक उपयोग के कारण शारीरिक गतिविधियां लगातार कम होती जा रही हैं, जिसका सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। उन्होंने इस स्थिति को चिंताजनक बताते हुए कहा कि बच्चों और युवाओं को खेलों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने क्रीड़ा भारती के कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे समाज के हर वर्ग तक खेलों का महत्व पहुंचाएं और युवाओं को सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करें।

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