- मुरली मनोहर मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों की संख्या में श्रद्धालु कर रहे दर्शन
- संतों के वचन समाज में आध्यात्मिकता और मानवता की विचारधारा को स्थापित करने में सहायक होते-अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा

सीहोर। संतों के वचन समाज में आध्यात्मिकता और मानवता की विचारधारा को स्थापित करने में सहायक होते हैं। उनके विचार लोगों को आत्म-साक्षात्कार और आत्म-विकास की दिशा में प्रेरित करते हैं। संतों के वचन समाज में एकता और भाईचारे की भावना को बढ़ावा दिया जाता है। उनके विचार समाज के विभिन्न पहलुओं के बीच सामंजस्य और सहयोग को बढ़ावा देते हैं। उक्त विचार जिला मुख्यालय स्थित कुबेरेश्वरधाम पर गुरुवार को आयोजित संत समागम के दौरान अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहे। इस मौके पर नृसिंह मंदिर के संत माधवदास महाराज ने कहाकि कुबेरेश्वरधाम करोड़ों श्रद्धालुओं के आस्था और श्रद्धा का केन्द्र है। यहां पर प्राण-प्रतिष्ठा के पश्चात मुरली मनोहर मंदिर में चारों युगों के दर्शन एक साथ करने का सौभाग्य अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के माध्यम से हो रहा है। उन्होंने कहाकि संत बैरागी होता है और संतों ने समाज को जो संदेश दिया वह सदा अमर रहेगा, आने वाली पीढ़ी को भी संतों के संदेशों का अनुसरण करके आगे बढ़ना चाहिए। संत कबीरदास जी ने जो संदेश मानवता के लिए दिया उस संदेश से मनुष्य के जीवन में आत्म-विश्वास और नई ऊर्जा का संचार होता है, मनुष्य के अंदर छिपे कईं दोषों का नाश होता है। गुरुवार को देश के अनेक संतों के साथ हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने कुबेरेश्वरधाम स्थित मुरली मनोहर मंदिर में भगवान शिव-पार्वती, भगवान राम-सीता और भगवान श्रीकृष्ण-राधा की मनमोहक प्रतिमाओं के दर्शन किए। इस मौके पर भोपाल से कुबेरेश्वरधाम पर आए महंत तारादेवी मंदिर के महंत देवगिरी, प्राचीन सिद्धपीठ के संत माधव दास महाराज, संत गंगाराम दास महाराज सहित अन्य पहुंचे थे। इनका विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित समीर शुक्ला, पंडित विनय मिश्रा ने सम्मान किया। सुबह मंदिर में प्रसादी के रूप में रोटी-सब्जी, नमकीन के अलावा पांच क्विंटल नुक्ती और आठ क्विंटल खिचड़ी का भोग लगाकर प्रसादी का वितरण किया गया।
मुरली मनोहर मंदिर के दर्शन करने का समय
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि लगातार पांच दिनों के प्राण-प्रतिष्ठा का आयोजन सादगी से कुबेरेश्वरधाम स्थित मुरली मनोहर मंदिर में किया गया था अब यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में दर्शन का समय निर्धारित किया गया है। सुबह छह बजे से 12 बजे और शाम को चार बजे से नौ बजे तक श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए मंदिर के पट खोले मिलेंगे।
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