महिला वार्ड में निरीक्षण के क्रम में यह पाया गया कि महिला बंदियों को सेनेटरी पैड निर्माण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कौशल प्रशिक्षण बंदियों के आत्मनिर्भरता एवं सम्मानजनक पुनर्वास की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसी प्रकार, कारा पुस्तकालय में पुरुष बंदियों को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। जिलाधिकारी ने इसे एक अभिनव एवं प्रेरणादायी प्रयास बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बंदियों को रचनात्मक कार्यों से जोड़ते हैं और भविष्य में आजीविका के नए अवसर प्रदान करते हैं। निरीक्षण के दौरान भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया गया कि आवश्यकता अनुसार वार्ड एवं अन्य भवनों की मरम्मत एवं रंग-रोगन कार्य शीघ्र सुनिश्चित किया जाए, ताकि कारा परिसर स्वच्छ एवं व्यवस्थित बना रहे। साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने हेतु कारा की परिधि दीवार (परिमिटर वॉल) की ऊँचाई बढ़ाने एवं उस पर कंटीले तार लगाने का निर्देश भी दिया गया, जिससे सुरक्षा मानकों को और मजबूत किया जा सके। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार, अपर समाहर्ता मुकेश रंजन झा, विशेष कार्य पदाधिकारी नितेश कुमार पाठक, जेल अधीक्षक सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने कहा कि कारा को केवल बंदीगृह नहीं, बल्कि सुधार एवं पुनर्वास का केंद्र बनाना है, जहाँ से बंदी समाज की मुख्यधारा में सकारात्मक रूप से पुनः स्थापित हो सकें।
मधुबनी (रजनीश के झा), 22 अप्रैल। जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार के द्वारा मंडल कारा, मधुबनी में आयोजित बंदी दरबार में सहभागिता की गई। इस अवसर पर उन्होंने बंदियों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं को गंभीरतापूर्वक सुना तथा सभी मामलों के शीघ्र एवं प्रभावी निष्पादन का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य न केवल न्याय सुनिश्चित करना है, बल्कि बंदियों के मानवीय अधिकारों की रक्षा करते हुए उनके पुनर्वास की दिशा में भी ठोस पहल करना है। बंदी दरबार के उपरांत जिलाधिकारी ने मंडल कारा के विभिन्न भागों का विस्तृत निरीक्षण किया, जिसमें महिला वार्ड, सामान्य वार्ड, पुस्तकालय, पाकशाला एवं अस्पताल शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें