- विसुंदरपुर के आदर्श इंटर कॉलेज में बुद्धिजीवियों का मंथन, सामाजिक चुनौतियों पर हुई गंभीर चर्चा
- संस्कार, समरसता और सहयोग ही समाज को नई दिशा दे सकते हैं
उन्होंने युवाओं को विशेष रूप से संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को समझना भी जरूरी है। केवल व्यक्तिगत विकास ही नहीं, बल्कि समाज के उत्थान के लिए भी युवाओं को आगे आना होगा। उन्होंने कहा संस्कार, समरसता और सहयोग ही समाज को नई दिशा दे सकते हैं. बैठक में अन्य वक्ताओं ने भी समाज में व्याप्त कुरीतियों, आपसी विघटन और जागरूकता की कमी जैसे मुद्दों पर चिंता व्यक्त की। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा और संवाद के माध्यम से ही समाज को मजबूत और सशक्त बनाया जा सकता है।इस दौरान कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किए गए, जिनमें युवाओं को शिक्षा और रोजगार के प्रति प्रेरित करना, सामाजिक कार्यक्रमों में सहभागिता बढ़ाना और समाज के भीतर सहयोग की भावना को और सुदृढ़ करना शामिल रहा। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने समाज की एकता और संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि इस प्रकार की बैठकों का आयोजन भविष्य में निरंतर किया जाएगा, ताकि समाज को एक नई दिशा और सकारात्मक ऊर्जा मिलती रहे।

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