- डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय (पूसा) के मखाना अनुसंधान केंद्र ने झंझारपुर में मखाना परियोजना की सफलता को सराहा

मधुबनी (रजनीश के झा), 21 अप्रैल। मिथिलांचल के किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने और मखाना उत्पादन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा द्वारा संचालित मखाना परियोजना एक नई मिसाल पेश कर रही है। विश्वविद्यालय के मखाना अनुसंधान एवं विकास उत्कृष्टता केंद्र के तत्वाधान में क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, झंझारपुर द्वारा मखाना परियोजना का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। परियोजना के तहत झंझारपुर स्थित क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के परिसर में 0.5 हेक्टेयर क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन का कार्य किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को उच्च श्रेणी के बीज उपलब्ध कराना है ताकि फसल की पैदावार और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि हो सके। उन्नत किस्म 'स्वर्ण वैदेही' का सफल प्रदर्शन वैज्ञानिक मार्गदर्शन में मखाना की उन्नत किस्म 'स्वर्ण वैदेही' का अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन किसानों के खेतों पर सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित प्रगतिशील किसानों ने हिस्सा लिया श्री भागवत मुखिया ग्राम मेहथ, प्रखंड झंझारपुर श्री परमेश्वर मुखिया ग्राम भगवतीपुर, प्रखंड पंडौल विशेषज्ञों का निरीक्षण एवं विजन परियोजना के निरीक्षण हेतु पहुंची परियोजना निदेशक डॉ. पूजा सिंह ने झंझारपुर और आसपास के क्षेत्रों में संचालित मखाना खेती का जायजा लिया। किसानों के खेतों पर लहलहाती फसल को देखकर उन्होंने टीम के कार्यों की सराहना की और कहा"मखाना एक 'सुपर फूड' है जिसकी मांग वैश्विक स्तर पर बढ़ रही है। उन्नत तकनीकों और स्वर्ण वैदेही जैसी किस्मों के प्रयोग से मिथिला के किसानों की आय निश्चित तौर पर दोगुनी होगी। यह खेती आने वाले समय में क्षेत्र के लिए सबसे लाभकारी सौदा साबित होगी।"निरीक्षण दल में शामिल प्रमुख सदस्य निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के प्रभारी डॉ. संजय कुमार के साथ वैज्ञानिकों की एक बड़ी टीम उपस्थित रही, जिसमें डॉ. घनश्याम नाथ झा, डॉ. सुमित कुमार, श्री धीरेंद्र कुमार, श्री आशीष राय, सुधांशु रंजन और अशोक राम शामिल थे। इस अवसर पर मखाना उत्पादक किसान श्री महेश्वर ठाकुर, रंजीत मुखिया, भागवत मुखिया, परमेश्वर मुखिया एवं अशोक कुमार चौधरी सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति और कृषि कर्मचारी उपस्थित रहे।
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