इसी प्रकार बढ़िया खेड़ी, इंदिरा नगर एवं इंदौर नाका क्षेत्र में लगभग 11 करोड़ की लागत से सीवरेज लाइन डाली जा रही है। इस अंतर्गत करीब 30 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे इन क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही जलभराव एवं गंदे पानी की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा। यह परियोजना पूर्ण होने के पश्चात हजारों नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा एवं शहर की स्वच्छता व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होगा। निरीक्षण के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष श्री राठौर ने स्पष्ट रूप से कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्य में उपयोग हो रही सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप हो तथा प्रत्येक चरण पर सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही, कार्य को तय समयसीमा में पूर्ण करने के लिए आवश्यक संसाधनों का समुचित उपयोग किया जाए, ताकि आमजन को जल्द से जल्द बेहतर सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि सीहोर को स्वच्छ, सुंदर एवं आधुनिक शहर बनाने के लिए नगर पालिका प्रतिबद्ध है और इसी दिशा में लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। सीवरेज परियोजना शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और आने वाले समय में स्वच्छता के नए मानक स्थापित करेगी। परियोजना के तहत कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों के पालन, यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा स्थानीय नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो, इस पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान नगर पालिका सीएमओ सुधीर सिंह एवं इंजीनियर साथी के साथ नगर पालिका के उपाध्यक्ष विपिन शास्ता, पार्षद प्रदीप गौतम, कमलेश राठौर, मांगीलाल मालवीय, लोकेंद्र वर्मा, राहुल राय, दिलीप राठौर आदि उपस्थित थे।
सीहोर। शहर के समग्र विकास एवं स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में नगर पालिका द्वारा संचालित सीवरेज परियोजनाओं का आज नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर द्वारा बढ़िया खेड़ी एवं मंडी क्षेत्र में व्यापक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कार्य की प्रगति, गुणवत्ता, तकनीकी मानकों एवं सुरक्षा पहलुओं का बारीकी से अवलोकन किया गया तथा संबंधित अधिकारियों एवं कार्य एजेंसियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। नगर में कुल 26 करोड़ की लागत से सीवरेज व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु कार्य किया जा रहा है, जो शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से संचालित है। मंडी क्षेत्र में लगभग 15 करोड़ की लागत से सीवरेज लाइन डाली जा रही है, जिसके अंतर्गत करीब 28 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके साथ ही एक आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे गंदे पानी का वैज्ञानिक तरीके से शोधन कर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें