- प्रभु पर विश्वास रखने वाले भक्त की भगवान हर समय करते हैं रक्षा : पंडित हर्षित शास्त्री
संस्कार मंच के प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि मंदिर परिसर में स्थित भगवान शिव की पूजा अर्चना की जा रही है। बैशाख माह में पंचामृत के अलावा शहद, केसर सहित अन्य से भगवान शिव का अभिषेक किया गया। इसके अलावा मंदिर परिसर में नियमित रूप से सुंदरकांड, हनुमान चालीसा पाठ, रामचरित्र मानस का पाठ किया गया। इन दिनों वैशाख का माह चल रहा है। इस महीने तेज गर्मी पड़ती है क्योंकि इस दैारान सूर्य की रोशनी धरती पर ज्यादा देर तक रहती है। साथ ही सूर्योदय जल्दी हो जाता है और सूर्यास्त देरी से होता है। इसलिए ही इस समय दिन बड़े और रातें छोटी होती है। इस कारण स्कंद पुराण में भी बताया गया है कि वैशाख महीने में जल का दान करना चाहिए, पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करनी चाहिए और शिवलिंग पर जल चढ़ाना चाहिए। मौसम के मुताबिक ऐसा करने से कई गुना पुण्य मिलता है। भगवान शिव ने जन कल्याण के लिए समुद्र मंथन से निकला जहर पिया था। उस जहर की गर्मी से उनका शरीर नीला हो गया। उस गर्मी को कम करने के लिए ही शिवलिंग पर जल चढ़ाने की परंपरा है। वैशाख महीने में गर्मी बहुत बढ़ जाती है। इसलिए इस महीने में खासतौर से शिवालयों में जल दान का विधान है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें