- ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने किया शुभारंभ, तीन शिफ्टों में तैनात रहेंगी टीमें,ट्रांसफॉर्मर से एचटी फॉल्ट तक ऑन-द-स्पॉट समाधान
हर तरह के फॉल्ट का मौके पर समाधान
यह विशेष वैन केवल सामान्य खराबी तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि हाई टेंशन (एचटी) लाइनों के मेंटेनेंस, ब्रेकडाउन सुधार और जरूरत पड़ने पर ट्रांसफॉर्मर व क्रॉस आर्म बदलने जैसे जटिल कार्य भी मौके पर ही किए जाएंगे। भूमिगत और एबी केबल में आने वाले फॉल्ट का अत्याधुनिक उपकरणों से तुरंत पता लगाकर उन्हें दुरुस्त किया जाएगा। साथ ही जर्जर तारों और क्षतिग्रस्त कंडक्टर को समय रहते बदलने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। प्राकृतिक आपदा या दुर्घटना में झुके या टूटे बिजली के खंभों को तुरंत दुरुस्त करने के साथ ही ओवरहेड लाइनों की सुरक्षा के लिए पेड़ों की छंटाई और लाइन क्लीयरेंस का काम भी यही टीमें करेंगी।
प्रो-एक्टिव सिस्टम से मिलेगा फायदा
नई व्यवस्था केवल आपातकालीन प्रतिक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि नियमित सर्वेक्षण के जरिए संभावित फॉल्ट्स को पहले ही पहचानकर उन्हें दूर करने की रणनीति भी लागू की गई है। इससे भविष्य में बड़े ब्रेकडाउन की आशंका कम होगी। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि सरकार उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली सुविधा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वाराणसी में इन 24×7 वैन के संचालन से न केवल बिजली लाइनों की उम्र बढ़ेगी, बल्कि आम जनता को बार-बार होने वाली कटौती से बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह पहल शहर को ‘स्मार्ट और रेस्पॉन्सिव पावर सिस्टम’ की दिशा में आगे बढ़ाएगी, जहां शिकायत के बजाय समाधान पहले पहुंचेगा।

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