सीहोर : सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाई जा रही अफवाह निराधार : अनिरुद्ध प्रताप सिंह - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शनिवार, 25 अप्रैल 2026

सीहोर : सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाई जा रही अफवाह निराधार : अनिरुद्ध प्रताप सिंह

Social-media-rumors-sehore
सीहोर। बीते दिनों से बैंक एजेंट और उनकी पत्नी के द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को सामाजिक कार्यकर्ता अनिरुद्ध प्रताप सिंह चौहान ने झूठा निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण से उनका कुछ भी लेना-देना नहीं है केवल षड्यंत्र के तहत जबरन कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय में शिकायती आवेदन देकर बदनाम कर मान प्रतिष्ठा सम्मान छवि को धूमिल किया जा रहा है। हकीकत यह है कि बैंक एजेंट आरपी सिंह के खिलाफ ही लोन दिलाने के नाम पर अनेक लोगों से साथ फर्जीबाड़ा करने के आरोप है। सामाजिक कार्यकर्ता अनिरुद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कुछ पीडि़तों ने प्रशासन के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर  शिकायत दर्ज कराई है जिसमें उन्होंने ज्योति बेस एवं उनके जेठ योगेन्द्र बेस और रूद्र प्रतापसिंह फायनेंस बैंक एजेंट पर गंभीर आरोप लगाते हुए एफ आई आर दर्ज करने की मांग भी की है। सामाजिक कार्यकर्ता अनिरुद्ध प्रताप सिंह चौहान ने आरोप लगाते हुए कहा कि लोन कराने के नाम से यह दोनों भाई पैसे एठते है। इन दोनों भाईयों व ज्योति बेस द्वारा लोगों के पैसे एठने की नियत से षड्यंत्र पूर्वक नाटकीय अंदाज में मनघड़ंत कहानी रचते हुए, विगत दिनों आरपी सिंह को अस्पताल में भर्ती कर कुछ ही दिनों में वापस अपने घर आने वाले रूद्र प्रतापसिंह उर्फ आरपी सिंह एवं उनका बड़ा भाई योगेन्द्र बैस इन दोनों भाईयों के विरूद्ध पूर्व से ही कई चोरी एवं धोखाधड़ी और कई आवेदन इनके खिलाफ दर्ज है, जिसकी जांच पुलिस प्रशासन चाहे तो कर सकते हैं। इन्होने पैसे ऐठने की मंशा से मनघड़ंत नाटकीय अंदाज से षड्यंत्र पूर्वक भूमिका बनाई और रूद्रप्रताप सिंह उर्फ आरपी सिंह की पत्नि ज्योति बेस द्वारा सोशल मीडिया पर झुठी बयानबाजी कर भ्रमक वीडियो प्रसारण कराये जाकर हमारी छवि धूमिल करने के प्रयास किया।


 इस संबंध में पीडि़त ललित पारासर ने भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आवेदन दिया है, जिसमें बताया गया है कि ज्योति बेस के पति रूद्रप्रताप सिंह उफ आर.पी सिंह से मेने दिनांक ५ सितम्बर २०२४ को सत्यम शर्मा के समक्ष रूपये ४,५०,००० में एक कार एक्स एल सिक्स क्रय की थी, जिसका पुरा पैसा मेने १००००० रूपये नगद बाकि डिजिटल के माध्यम से पुरे ४,५०,००० रूपये दे दिये थे, तभी से मैं रूद्रप्रताप सिंह उफ आर.पी से उक्त गाड़ी को मेरे नाम कराने का बोल रहा था, परन्तु उनके द्वारा पहले तो टालम टोल किया गया और विगत ८ माह पूर्व वह मुझसे उक्त कार की तय हुए सौदे से अतिरिक्त पैसे की मांग करने लगे, तो मेने कहा कि आप आपकी कार वापस ले लिजिये और मेरे पैसे मुझे लोटा दिजिये, तो उन्हाने कड़े मुझे धमकी दी और पैसे लोटाने से मना तो हमारी आपसी में कहा सुनी हुई थी, तभी से मेने उससे बात करना बंद कर दिया था। मुझे पारिवारिक आवश्यकता के लिये गवाह सत्यम शर्मा से कहा कि मेरे पैसे दिलवा दो तब सत्यम शर्मा के कहने पर आर.पी.सिंह ने दिनांक ९ अक्टुबर २०२५ को बस स्टेण्ड, सीहोर पर रूपये ४,४०,००० नगद एवं सत्यम के फोन-पे पर १०,००० देकर  मुझसे गाड़ी वापस ले ली थी और हम कार देकर वहाँ चले गये थे, जिसको लगभग ८ माह हो गये हैं, इसके बाद ना तो मैं उनके सम्पर्क में हु और ना ही वह मेरे सम्पर्क में थे। कार के सम्बंध में मांगे गये अतिरिक्त पैसे नही दिये जाने के कारण द्ववेश्ता पूर्वक हम दोनों का नाम उनकी पत्नि ज्योति बैस द्वारा बदनाम किया जा रहा है, शासन-प्रशासन से मांग है कि न्यायिक जांच हो एवं षड्यंत्र कर्ताओं के ऊपर कठोर कार्यवाही  की जावे।

कोई टिप्पणी नहीं: