विदिशा : गेहूं खरीदी में भारी लापरवाही, किसानों के साथ अन्याय : शशांक भार्गव - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 23 अप्रैल 2026

विदिशा : गेहूं खरीदी में भारी लापरवाही, किसानों के साथ अन्याय : शशांक भार्गव

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विदिशा: विदिशा जिले में किसानों के साथ हो रहे अन्याय और प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ आज किसानों ने जोरदार किसान महापंचायत कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। किसानों ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार की नीतियों और प्रशासनिक विफलता के कारण किसान बुरी तरह परेशान है और उसकी मेहनत की फसल का सम्मान नहीं हो रहा है। किसानों ने बताया कि वर्ष 2025 में 190 सोसायटियों में तुलाईकेंद्र स्थापित थे, जहां लगभग 5 लाख 63 हजार टन गेहूं की खरीदी हुई थी, लेकिन इस वर्ष मात्र 147 केंद्र लगाए गए और दबाव के बाद केवल 154 तक ही बढ़ाए गए। हैरानी की बात यह है कि इस वर्ष गेहूं का रकबा बढ़ा है, इसके बावजूद खरीदी की गति बेहद धीमी है और अब तक केवल 68 हजार टन खरीदी हो पाई है। यह सीधे-सीधे किसानों के साथ अन्याय और प्रशासन की घोर विफलता है। सभा में किसानों ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि वारदाना की कमी है तो किसानों का गेहूं धर्मकांटे से तौलकर वेयरहाउस में रखकर तत्काल भुगतान किया जाए। चना खरीदी में “तेवड़ा” के नाम पर किसानों को परेशान किया जा रहा है, जिसे 2% सीमा में तय किया जाए और ग्यारसपुर तहसील में तत्काल तुलाई केंद्र स्थापित किए जाएं।


खरीफ सीजन के पहले ही खाद की किल्लत सामने आ रही है, 5 बीघा के लिए 1 बोरी DAP, 2 बोरी यूरिया अभी किसानो मिल रहा जा न के बारा-बार है, सरकार की तैयारी पर सवाल खड़े करती है। किसानों ने मांग की कि 5 बीघा के लिए 3 बोरी DAP, 4 बोरी यूरिया और 1 बोरी पोटाश एक साथ उपलब्ध कराई जाए। साथ ही छोटे, वंचित और पट्टाधारी किसानों को भी खाद देने की स्पष्ट व्यवस्था की जाए। बिजली विभाग की मनमानी भी चरम पर है—बिना सूचना डीपी हटाई जा रही है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। और बिजली तारो की इसी व्‍यवस्‍था है कि आयेदिन किसानो के खेतो की नरवाई में आग की घटना हो रही है, बिजली विभाग की जिम्मेदारी तय नहीं की जा रही और उल्टा किसानों पर जुर्माना लगाया जा रहा है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। वर्तमान विवाह सीजन में गैस सिलेंडर की कमी के कारण आमजन को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अतः विवाह के निमंत्रण पत्र के आधार पर आवश्यकता अनुसार गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं। सरसों के भावांतर का भुगतान नही किया जा रहा और GIS सर्वे के नाम पर किसानों को परेशान करना—ये सभी मुद्दे सरकार की विफलता को उजागर करते हैं। किसानों ने स्पष्ट कहा कि यह स्थिति अब बर्दाश्त के बाहर है। इस किसान महापंचायत में सभी किसान, सामाजिक संगठन, विभिन्न राजनीतिक दल एवं सभी विचारधाराओं के लोग एकजुट होकर किसानों के हक के लिए शशांक श्रीकृष्‍ण भार्गव पूर्व विधायक ने मुख्‍यमंत्री के नाम कलेक्‍टर
विदिशा को ज्ञापन सौपा।

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