इस अवसर पर क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के प्रभारी डॉ. संजय कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि रासायनिक उर्वरकों के सीमित उपयोग के साथ-साथ जैविक एवं संतुलित पोषण प्रबंधन को अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन न केवल मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखने में सहायक है, बल्कि पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को भी कम करता है। इससे सतत कृषि प्रणाली को बढ़ावा मिलता है और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित होता है। वहीं, वरिष्ठ तकनीकी सहायक श्री आशीष राय ने कहा कि “हमारा ग्रह हमारी जिम्मेदारी है और यही हमारा भविष्य भी है।” उन्होंने किसानों एवं आमजनों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक पौधे लगाएं और उनकी देखभाल करें, साथ ही अनावश्यक पेड़ों की कटाई से बचें, ताकि बढ़ते वैश्विक तापमान के खतरे को कम किया जा सके। कार्यक्रम में डॉ. एस. के. मंडल ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पृथ्वी को स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त बनाए रखना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने और अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे प्रयासों के माध्यम से पृथ्वी को सुरक्षित रखने का आह्वान किया। इस अवसर पर सुधांशु रंजन, अशोक राम, नवीन, मणिक एवं विवेक सहित अन्य कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
मधुबनी (रजनीश के झा), 22 अप्रैल । विश्व पृथ्वी दिवस के पावन अवसर पर डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा, समस्तीपुर द्वारा संचालित क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, झंझारपुर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर वैज्ञानिकों, कर्मचारियों एवं अन्य सहयोगियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए सामूहिक रूप से पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना, हरित आवरण में वृद्धि करना तथा पृथ्वी को सुरक्षित एवं संतुलित बनाए रखना रहा। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने वृक्षारोपण के महत्व को समझते हुए इसे जन-आंदोलन का रूप देने की आवश्यकता पर बल दिया।

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