- धर्म का अर्थ केवल पूजा-पाठ या कर्मकांड नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की कला : संत माधवदास महाराज
समाज सेवा मनुष्य का सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्य
संत माधव महाराज ने कहाकि मनुष्य को समाज की सेवा करनी चाहिए। वास्तव में, समाज सेवा मनुष्य का सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्य है। इससे मनुष्य को दैवीय शक्ति प्राप्त होती है। समाज सेवा वास्तव में ईश्वर की सेवा है। मनुष्य का अस्तित्व किसके लिए है, समाज के लिए। इसी प्रकार, समाज का अस्तित्व सृष्टि के लिए है। यही संपूर्ण सृष्टि का आधार है। सृष्टि ईश्वर की अभिव्यक्ति है। मनुष्य का उसमें एक अद्वितीय स्थान है। लेकिन यदि मनुष्य पशुओं और पक्षियों की तरह व्यवहार करे तो उसका क्या लाभ, इसलिए भगवान का नाम और सत्संग आदि करना चाहिए।
इस दुनिया को सही राह पर लाने का काम भी युवाओं का ही
उन्होंने कहाकि इस दुनिया की रक्षा करने की क्षमता केवल युवाओं में है। इस दुनिया को सही राह पर लाने का काम भी युवाओं का ही है। युवाओं के बिना कोई भी राष्ट्र खड़ा नहीं रह सकता। कभी-कभी बड़े-बुजुर्ग युवाओं की क्षमताओं को कम आंकते हैं, यह सोचकर कि वे अनुभवहीन और युवा हैं। लेकिन युवाओं में अपार शक्ति समाहित है। यदि वे दृढ़ निश्चय कर लें, तो वे कुछ भी हासिल कर सकते हैं। यदि वे अपनी शक्ति को पहचान लें, तो वे राष्ट्र को मुक्ति दिला सकते हैं। इसके लिए किसी शिक्षा की आवश्यकता नहीं है।

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