मधुबनी : मधवापुर में सूदखोरी की आड़ में महिला के साथ बर्बरता : शशी यादव - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

गुरुवार, 2 अप्रैल 2026

मधुबनी : मधवापुर में सूदखोरी की आड़ में महिला के साथ बर्बरता : शशी यादव

  • भाकपा (माले) जांच टीम ने किया स्थल निरीक्षण, कड़ी कार्रवाई की मांग

Cpi-ml-madhubani
मधवापुर/मधुबनी, (रजनीश के झा) 02 अप्रैल। जिले के मधवापुर प्रखंड अंतर्गत बास्की बिहारी उत्तरी वार्ड संख्या–7 में हुई अमानवीय घटना की सच्चाई जानने के लिए भाकपा (माले) की उच्चस्तरीय जांच टीम ने घटनास्थल का दौरा किया। जांच टीम का नेतृत्व भाकपा (माले) नेत्री एवं बिहार विधान परिषद सदस्य शशी यादव ने किया। स्थल निरीक्षण के दौरान शशी यादव ने कहा कि एक सप्ताह पूर्व इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता पूनम देवी ने आर्थिक तंगी के कारण इलाज हेतु लगभग 10–15 हजार रुपये कर्ज लिया था। इसके बाद गांव के सूदखोर मुकेश मुखिया के नेतृत्व में 8–10 लोगों (जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं) ने उन्हें बर्बरतापूर्वक प्रताड़ित किया। पीड़िता को सुबह करीब 9 बजे बिजली के पोल में बांधकर अर्धनग्न अवस्था में रखा गया और दोपहर 2 बजे पुलिस के पहुंचने के बाद ही मुक्त कराया गया। इस दौरान उनके साथ लगातार मारपीट की गई, भद्दी गालियां दी गईं और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया।


जांच में यह भी सामने आया कि पूनम देवी मूलधन से कई गुना अधिक राशि चुका चुकी थीं, इसके बावजूद चक्रवृद्धि ब्याज के नाम पर उनसे लगभग 3 लाख रुपये की मांग की जा रही थी। थाना स्तर पर पहले समझौता होने के बावजूद दबंगों द्वारा जबरन वसूली और उत्पीड़न जारी रखा गया। शशी यादव ने कहा कि यह घटना न केवल एक महिला की गरिमा पर हमला है, बल्कि पूरे समाज को शर्मसार करने वाली है। यह प्रशासनिक विफलता और क्षेत्र में सक्रिय सूदखोरी के संगठित नेटवर्क का स्पष्ट प्रमाण है। यदि प्रशासन समय रहते सख्त कार्रवाई करता, तो इस प्रकार की भयावह घटना को रोका जा सकता था। 


भाकपा - माले ने प्रशासन से मांग की कि सभी आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। पीड़िता को सुरक्षा, समुचित इलाज एवं सम्मानजनक मुआवजा प्रदान किया जाए। सूदखोरी के अवैध धंधे पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो। मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कर दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाए। भाकपा (माले) ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला, तो पार्टी जनसंगठनों के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन खड़ा करेगी। जांच टीम में भाकपा (माले) के युवा नेता मयंक कुमार, बेनीपट्टी प्रखंड सचिव श्याम पंडित, लखींद्र पासवान, सुरेश राम सहित अन्य स्थानीय कार्यकर्ता शामिल थे।

कोई टिप्पणी नहीं: