- भाकपा (माले) जांच टीम ने किया स्थल निरीक्षण, कड़ी कार्रवाई की मांग
जांच में यह भी सामने आया कि पूनम देवी मूलधन से कई गुना अधिक राशि चुका चुकी थीं, इसके बावजूद चक्रवृद्धि ब्याज के नाम पर उनसे लगभग 3 लाख रुपये की मांग की जा रही थी। थाना स्तर पर पहले समझौता होने के बावजूद दबंगों द्वारा जबरन वसूली और उत्पीड़न जारी रखा गया। शशी यादव ने कहा कि यह घटना न केवल एक महिला की गरिमा पर हमला है, बल्कि पूरे समाज को शर्मसार करने वाली है। यह प्रशासनिक विफलता और क्षेत्र में सक्रिय सूदखोरी के संगठित नेटवर्क का स्पष्ट प्रमाण है। यदि प्रशासन समय रहते सख्त कार्रवाई करता, तो इस प्रकार की भयावह घटना को रोका जा सकता था।
भाकपा - माले ने प्रशासन से मांग की कि सभी आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। पीड़िता को सुरक्षा, समुचित इलाज एवं सम्मानजनक मुआवजा प्रदान किया जाए। सूदखोरी के अवैध धंधे पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो। मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कर दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाए। भाकपा (माले) ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला, तो पार्टी जनसंगठनों के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन खड़ा करेगी। जांच टीम में भाकपा (माले) के युवा नेता मयंक कुमार, बेनीपट्टी प्रखंड सचिव श्याम पंडित, लखींद्र पासवान, सुरेश राम सहित अन्य स्थानीय कार्यकर्ता शामिल थे।

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