उक्त आशय के उदगार प्रसिद्ध ब्रहमलीन संत श्रीश्री 1008 श्री त्यागी बाबा के कृपापात्र शिष्य मानस मर्मज्ञ सुप्रसिद्ध श्रीरामकथा वाचक श्रीश्री 1008 श्री उद्धवदास जी त्यागी महाराज द्वारा श्रद्धालु जनों के समक्ष व्यक्त किए गए। महाराजश्री की अगुवाई में आश्रम में एक महीने के लिए अखण्ड भगवन्नाम संकीर्तन प्रारंभ हुआ। महाराज जी ने बताया कि कि सम्पूर्ण विश्व कल्याण की भावना और गौ सेवा-सुरक्षा के साथ सभी सनातन प्रेमियों के कल्याण के लिए पुरुषोत्तम मास में अखण्ड संकीर्तन प्रारंभ किया गया है जो रात-दिन चलता रहेगा। एक माह के बाद अखण्ड संकीर्तन का समापन किया जावेगा। अखण्ड संकीर्तन में श्रद्धालुजनों ने बडी संख्या में हिस्सा लिया और बडे़ भाव से भगवान का नाम संकीर्तन किया। महाराजश्री ने सभी सनातन प्रेमियों का आव्हान किया कि सभी अपने-अपने घरों में परिवार सहित प्रतिदिन प्रेम से भगवन्नाम संकीर्तन करें और इस विशेष मास में अधिक से अधिक पुण्य लाभ अर्जित करें।
उल्लेखनीय है कि संतश्री त्यागी बाबा के सीहोर सहित आसपास के जिलों में प्रभु सीताराम जी को इष्ट रूप में स्वीकार करने वाले बडी संख्या में शिष्य हैं। शहर के रेलवे स्टेषन रोड पर स्थित त्यागी बाबा आश्रम जिसे रामकुटी आश्रम के नाम से जाना जाता है यहां श्री सीताराम जी की मनमोहक प्रतिमाएं विराजमान है, आश्रम प्रांगण में श्री हनुमानजी, उमापति महादेव जी, मारकण्डेय महादेव की प्रतिमाएं मंदिर में विराजित हैं। आश्रम प्रांगण में एक कुआं भी है जिसे संतश्री त्यागी बाबा ने अकेले ही श्रम करके निर्मित किया था। सीहोर में त्यागी बाबा आश्रम श्रद्धालुओं की एक चिरपरिचित स्थली है जहां जाने से ही तन-मन में परम शांति का अनुभव होता है। आश्रम के पवित्र वातावरण में अनेक बाल साधु भी हैं जो धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन एवं शिक्षा दीक्षा ग्रहण कर रहे हैं। प्रतिदिन यहां बडी संख्या में श्रद्धालु जनों का आना-जाना लगा रहता है। सुदूरवर्ती गांवों से भी भक्त संतश्री की समाधि का दर्शन करने आश्रम में आते हैं। आज भी संत श्री की समाधि से श्रद्धालु जनों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें