- कथा के पहले दिन बताया भागवत कथा का माहात्म्य

सीहोर। पुरुषोत्तम मास के अवसर पर सात दिवसीय संगीतमय भागवत कथा का शुभारंभ सोमवार को सर्व ब्राह्मण समाज महिला मंडल के तत्वाधान में शहर के खजांची लाइन स्थित ब्राह्मण धर्मशाला में कथा वाचक पंडित रवि शंकर तिवारी के मुखाराविंद से भागवत रूपी ज्ञान गंगा प्रवाहित की जा रही है। महिला मंडल अध्यक्ष नीलम शर्मा ने बताया कि पहले दिन कथा का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ सुबह किया गया और कथा प्रतिदिन दोपहर तीन बजे से शाम छह बजे तक जारी रहेगी। कथा के पहले दिन मुख्य यजमान वरुण शर्मा, मनीश शर्मा, समाज के अध्यक्ष दीपक शर्मा, मनोहर शर्मा, राजेश शर्मा, तनिष्क त्यागी, सुनील शर्मा संजय शुक्ला आदि के अलावा बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थी। कथा वाचक पंडित श्री तिवारी ने पहले दिन भागवत कथा का महत्व बताते हुए कहा कि मृत्यु को जानने से मृत्यु का भय मन से मिट जाता है, जिस प्रकार परीक्षित ने भागवत कथा का श्रवण कर अभय को प्राप्त किया, वैसे ही भागवत जीव को अभय बना देती है। श्रीमद्भागवत कथा परमात्मा का अक्षर स्वरूप है। यह परमहंसों की संहिता है, भागवत कथा हृदय को जागृत कर मुक्ति का मार्ग दिखाता है। अधिक मास में इसके श्रवण का महत्व है। भागवत कथा भगवान के प्रति अनुराग उत्पन्न करती है। यह ग्रंथ वेद, उपनिषद का सार रूपी फल है। यह कथा रूपी अमृत देवताओं को भी दुर्लभ है। महिला मंडल अध्यक्ष नीलम शर्मा ने बताया कि कथा के दूसरे दिन महाभारत प्रसंग, राजा परीक्षित का जन्म एवं शुकदेव महाराज का आगमन, तीसरे दिन भगवान शिव पार्वती विवाह, नृसिंह अवतार के अलावा कथा के चौथे दिवस भगवान राम और कृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें