पटना : सम्राट सरकार के एक महीने के कार्यकाल पर केवल कागजों में ही दिखा विकास : राजेश राठौड़ - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 16 मई 2026

पटना : सम्राट सरकार के एक महीने के कार्यकाल पर केवल कागजों में ही दिखा विकास : राजेश राठौड़

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पटना (रजनीश के झा), 16 मई । एनडीए के बिहार में नई नवेली सरकार के मुखिया सम्राट चौधरी के बतौर मुख्यमंत्री रहते एक महीने पूरे होने पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने उन्हें बधाई देते हुए आईना दिखाया है। उन्होंने कहा कि भाषणों और वादों में सम्राट सरकार चकाचक है लेकिन धरातल पर उनकी योजनाओं का अता पता नहीं है। साथ ही उन्होंने तंज किया कि तमाम झंझावतों के बाद भी एक महीने सफलतापूर्वक अपनी कुर्सी की रक्षा कर सीएम बने रहने पर भी सम्राट चौधरी को शुभकामनाएं हैं। बिहार कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि अपराध, कमीशन, करप्शन और लेटलतीफ सरकारी कार्यशैली से बिहार की जनता त्रस्त है। मुख्यमंत्री ने जरूर अपने भाषणों में तेजी लाते हुए सरकार गठन के बाद जोश दिखाया था लेकिन हकीकत में उनकी ही द्वारा किए गए वादे भी आज जनता को केवल मीडिया और विज्ञापनों में सुनने को मिल रहे हैं, धरातल पर उनका नामोनिशान नहीं है।


मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के विकास के कार्ययोजना और आगामी रूपरेखा पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि आखिर जनता को वादों के सिवाय क्या मिल रहा है? इसका आकलन करने पर केवल हाई प्रोफाइल हत्याओं, भ्रष्टाचारियों की खबरें और लूट बलात्कार की घटनाएं ही देखने को मिल रही हैं। जितनी भी घोषणाएं सरकार बनने के बाद सम्राट चौधरी ने स्वयं किया वो हकीकत में हवा हवाई ही साबित हो रही हैं। उन्होंने उदाहरण के तौर पर फाइलों को विमर्श के नाम पर अटकाने वाले अधिकारियों को चेतावनी दी थी लेकिन आज भी हाल वहीं हैं। घोषणाओं पर सवाल खड़े करते हुए उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार की योजनाओं को ही यह सरकार पैसे के अभाव में पूरी नहीं कर सकी तो नए घोषणाओं के लिए पैसे कहां से लाएंगे? 4.5 लाख करोड़ का कर्ज बिहार पर पहले से एनडीए राज में था और अब सीएम सम्राट 72 हजार करोड़ का अतिरिक्त कर्ज लेकर हवाई और लोकलुभावन घोषणाएं कर रहे हैं। जबकि पेंशनधारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों को देने के लिए इस सरकार के पास पैसे नहीं हैं। ऐसे में एक महीने के कार्यकाल में भाषणों में तो विकास दिखता है लेकिन हकीकत में धरातल पर एक भी योजनाएं नहीं दिखती।

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