अग्रणी जिला प्रबंधक ने बताया कि मधुबनी जिला का साख-जमा अनुपात वित्तीय वर्ष 2024-25 के 54.65% से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025-26 में 55.11% हो गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति पर मधुबनी जिला में कुल जमा राशि 13967.39 करोड़ तथा कुल ऋण 7697.13 करोड़ रू० रहा। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन बैंकों का यह अनुपात 60% से नीचे है वे इसे तत्काल रूप से RBI के निर्देशानुसार, 60% से ऊपर ले जाने का प्रयास करें। अग्रणी जिला प्रबंधक ने कहा कि मधुबनी जिला का वार्षिक साख योजना में उपलब्धि 2024-25 के 45.74% से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025-26 में 71.94% हो गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 6256.17 करोड़ की राशि वितरित की गई । कृषि क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले के बैंकों द्वारा 60436 किसानों को कैसीसी जारी एवं नवीकृत किये गये जिसके माध्यम से 654.96 करोड़ रू० का ऋण राशि मुहैया कराया गया। जिले में कुल 143567 केसीसी खाते संचालित हैं। सरकार प्रायोजित योजना PMEGP में लक्ष्य 83 के विरुद्ध 132 आवेदनों के माध्यम से 454.41 लाख की राशि स्वीकृत की गई।स्वीकृति के साथ ही निर्देश दिया कि सभी बैंक कैम्प मोड में विभिन्न क्षेत्रों यथा कृषि, उद्योग, खुदरा, ऋण का संवितरण करें जिससे कि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंत तक शत-प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति हो सके। वसूली हेतु सभी नीलाम पत्र अधिकारी एवं संबंधित बैंक अधिकारी लम्बित वादों के निष्पादन में तेजी लावें। साथ-ही-साथ 06 माह (मई से अक्टूबर) तक प्रत्येक माह जिला स्तर एवं अनुमंडल स्तर पर आयोजित कैम्प में पंजी IX एवं X का मिलान सुनिश्चित करें। इसमें किसी भी तरह की कोताही के लिए संबंधित बैंक अधिकारी जिम्मेवार होंगें।
वैसे सभी जमा खाते जिनमें KYC अतिदेय है उनका Re-KYC सुनिश्चित करें। केंद्र सरकार के वित्त विभाग के द्वारा जारी Unclaimed assets (DEAF A/Cs) के settlement के लिए जारी अभियान के आलोक में सभी बैंक अपने-अपने DEAF A/Cs का अधिकतम settlement सुनिश्चित करें। केंद्र सरकार के द्वारा पूरे देश में 100 जिले को आकांक्षा जिला (Aspirational District) चुना गया है जिसमें मधुबनी जिला भी शामिल है। इसके तहत सभी बैंक कृषि क्षेत्र में विभिन्न ऋण योजनाओं केसीसी, गव्य, पशुपालन, मत्स्य, फूड प्रोसेसिंग, PMFME, Agri Clinic-Agri Business, Rural Godown (कोल्ड स्टोरेज) आदि के तहत सरकार के विभिन्न विभाग यथा- कृषि, गव्य, पशुपालन, मत्स्य, नाबार्ड, जीविका, आदि के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक-से-अधिक ऋण प्रदान कर जिला में कृषि क्षेत्र में ऋण प्रवाह में वृद्धि करते हुए सरकार के आकांक्षा को पूरा करें। प्रखण्ड स्थित बैंकों को भेजे गये केसीसी आवेदनों का निष्पादन करें तथा बैंकर, प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी आपस में समन्वय स्थापित कर अधिक-से-अधिक केसीसी आवेदन सृजित करवाकर उसे निष्पादित करें। PM किसान सम्मान लाभुक तथा वैसे किसान जिनका farmer registration हो चुका है, परंतु उन्हें केसीसी का लाभ नहीं मिला है उन्हें प्राथमिकता के आधार पर केसीसी से आच्छादित करें।
PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत बैंकों को भेजे गये ऋण आवेदनों का निष्पादन निर्धारित TAT के अंदर करना सुनिश्चित करें तथा अनावश्यक कागजात की माँग ना करें। ऐसा करने पर बैंक के संबंधित अधिकारी की जिम्मेवारी तय हो सकती है। बैठक में RBI, पटना के एल. डी. ओ. मोहित कुमार मीणा ने बैंकों को निर्देश दिया गया कि सभी बैंक के BCs अपने निर्धारित जगह पर ही बैंकिंग सुविधा प्रदान करें तथा संबंधित बैंक इसका लोकेशन RBI तथा अन्य निर्धारित पोर्टल पर अद्यतन करेंगें। बैठक में RBI के अधिकारी द्वारा वित्तीय समावेशन एवं साक्षरता के लिए कैम्प का आयोजन करने एवं साइबर क्राइम / फ्रॉड से बचने के लिए जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। उन्होंने इस कार्य के लिए बैंकों को RBI द्वारा अधिकृत NGO ग्राम साथी को सहयोग करने का भी निर्देश दिया । RBI के द्वारा बैंकों को निर्देश दिया गया कि सभी Re-KYC एवं DEAF खातों का settlement शत-प्रतिशत सुनिश्चित हों। बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक, गजेंद्र मोहन झा ने उपरोक्त सभी बिंदुओं पर बैंकों को लक्ष्य प्राप्त करने की सलाह देते हुए सभी उपस्थित सम्माननीय एवं माननीय सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापन किया । बैठक में विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक एवं उच्च अधिकारी, LDO RBI, DDM NABARD, बिहार सरकार के विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारीगण एवं माननीय सदस्य आदि भी उपस्थित रहे। उक्त बैठक में एसडीसी बैंकिंग, अग्रणी जिला प्रबंधक,गजेंद्र मोहन झा, डीडीएम नाबार्ड, आरबीआई एलडीओ आरसेटी डायरेक्टर, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, समेत जिले के सभी प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधि शामिल थे।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें