- बिजली बिल वसूली में कथित गड़बड़ियों पर गरमाई सियासत, निजी एजेंसियों की भूमिका पर उठे सवाल
मुलाकात के दौरान सबसे बड़ा मुद्दा बिजली बिल वसूली व्यवस्था को लेकर उठा। पंचायत ने आरोप लगाया कि बीएलएस (फिनटेक) कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं से बिजली बिल की राशि जमा करने के बावजूद विभागीय रिकॉर्ड में भुगतान दर्ज न होने जैसी शिकायतें सामने आई थीं, जिस पर कार्रवाई भी की गई। इसके बावजूद अन्य निजी एजेंसियों को कैश काउंटर संचालन सौंपे जाने पर संगठन ने नाराजगी जताई। प्रतिनिधिमंडल ने मांग रखी कि मेसर्स सरल समेत सभी निजी एजेंसियों को दिए गए कैश काउंटरों का संचालन विभागीय कर्मचारियों के माध्यम से कराया जाए। साथ ही पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा संबंधित कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की गई। संगठन ने कहा कि बिजली बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं का हित सर्वोपरि होना चाहिए। जिन उपभोक्ताओं के भुगतान रिकॉर्ड में विसंगतियां सामने आई हैं, उनके भुगतानों का सत्यापन कर उन्हें राहत दी जानी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में ओ.पी. सिंह, जिउतलाल, अंकुर पाण्डेय, श्यामलाल और के.पी. दुबे समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
पंचायत की प्रमुख मांगें
सभी कैश काउंटरों पर विभागीय कर्मचारियों की तैनाती
कथित फर्जीवाड़े के मामले में एफआईआर दर्ज हो
संबंधित कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाए
प्रभावित उपभोक्ताओं के भुगतान का सत्यापन हो

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