
सीहोर। शहर के मुगीसपुर के समीपस्थ श्री राधेश्याम विहार कालोनी में गत दिनों पांच दिवसीय श्री शिव परिवार प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के अलावा महायज्ञ का आयोजन किया गया था। यहां पर भव्य रूप से छह हजार स्क्वायर फीट परिसर में भगवान गोपेश्वर महादेव मंदिर का नवनिर्माण किया गया है। गुरुवार को यहां पर कालोनीवासियों ने गोपेश्वर माहदेव का विशेष श्रृंगार किया। इस मौके पर दर्शन के लिए पहुंचे अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहाकि कालोनी में नव निर्मित भव्य मंदिर भगवान शिव और श्रीकृष्ण की भक्ति का अनूठा संगम है। इस मौके पर उन्होंने यहां पर मौजूद विठलेश सेवा, कुबेरेश्वरधाम और संस्कार मंच की महिला मंडल का स्वागत करते हुए कथा वाचक पंडित श्री मिश्रा ने कहाकि परिवारों में महिला को घर की आध्यात्मिक शक्ति, लक्ष्मी और धर्म की रक्षक माना जाता है। पारंपरिक हिंदू परिवारों की अगर सबसे बड़ी खासियत देखी जाए तो वो है घर में महिलाओं की मौजूदगी और उनका गहरा आध्यात्मिक जुड़ाव, हमारे समाज में स्त्रियों को हमेशा से ही देवी स्वरूप माना गया है। कहते हैं जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवता स्वयं वास करते हैं। इसी सोच के चलते भारतीय घरों में महिलाओं की भूमिका केवल खाना बनाने या घर संभालने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वे पूरे घर की आध्यात्मिक ऊर्जा की धुरी होती हैं। सुबह के समय तुलसी में जल डालना हो, रसोई में पहली रोटी गाय के लिए निकालना हो या घर के दरवाजे पर रंगोली बनाकर नकारात्मक ऊर्जा को दूर रखना हो, यह सब काम महिलाएं बड़े प्रेम और श्रद्धा से करती हैं। इससे ना सिर्फ घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है, बल्कि बच्चों को भी शुरू से अच्छे संस्कार मिलते हैं। सच कहें तो महिलाएं ही अपने घरों में धर्म और परंपराओं को जीवित रखती हैं।
नियमित रूप से किया जाएगा शिव चालीसा का पाठ
संस्कार मंच के संयोजक जितेन्द्र तिवारी ने बताया कि शिव चालीसा का नियमित पाठ करना अत्यंत फलदायी है, जो 30 दिन लगातार करने से मनोकामनाएं पूरी करता है। यह मानसिक शांति, भय से मुक्ति, और भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का सबसे आसान उपाय है। इसके अलावा मंदिर परिसर में स्थित यज्ञ शाला में हनुमान चालीसा का पाठ सहित अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
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