सीहोर : कुबेरेश्वरधाम पर प्रदोष के पावन अवसर पर एक क्विंटल फूलों से बाबा का विशेष श्रृंगार - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 14 मई 2026

सीहोर : कुबेरेश्वरधाम पर प्रदोष के पावन अवसर पर एक क्विंटल फूलों से बाबा का विशेष श्रृंगार

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सीहोर। देश और विदेश में करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केन्द्र जिला मुख्यालय स्थित कुबेरेश्वरधाम पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां पर आते है। गुरुवार को भी विठलेश सेवा समिति ने अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को सुबह करीब 5 क्विंटल नुक्ति और छह क्विंटल से अधिक खिचड़ी का भोग लगाकर देश की सबसे बड़ी भोजनशाला से भोजन प्रसादी का वितरण किया। इस मौके पर समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा और पंडित समीर शुक्ला सहित अन्य मौजूद थे। विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि गुरुवार को कुबेरेश्वरधाम पर प्रदोष के पावन अवसर पर एक क्विंटल फूलों से बाबा का विशेष श्रृंगार किया गया था। यहां पर नियमित रूप से मुरली मनोहर मंदिर और धाम पर बाबा के दर्शन करने के लिए श्रद्धालु आते है। आरती और भोजन प्रसादी के दौरान करीब 35 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने आस्था और उत्साह के साथ बाबा की पूजा अर्चना के पश्चात भोजनप्रसादी ग्रहण की। धाम पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क रूप से पेयजल, भोजन और रुद्राक्ष का वितरण किया जाता है और गर्मी अधिक होने के कारण यहां पर समिति के द्वारा दोपहर में पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में शीतल पेयजल का निशुल्क वितरण किया जाता है।


प्रदोष का महत्व बताया

उन्होंने बताया कि प्रदोष के पावन अवसर पर मंदिर परिसर में स्थित बाबा का 1 क्विंटल फूलों से विशेष श्रृंगार किया। भगवान शिव और पार्वती की यहां पर श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। धाम के कंकर-कंकर में शंकर व्याप्त है। कलियुग में जब मनुष्य धर्म के आचरण से हटकर अधर्म की राह पर जा रहा होगा और हर तरफ अन्याय और अनाचार का बोलबाला होगा, उस समय प्रदोष व्रत ही ऐसा व्रत होगा जो मानव को शिव की कृपा का पात्र बनाएगा। मनुष्य के सभी प्रकार के कष्ट और पाप इस व्रत को करने से नष्ट हो जाएंगे। इसीलिए इस दिन भगवान शिव और पार्वती की पूजा की जाती है। 

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