- 45 डिग्री तक पहुंचा पारा, पूर्वांचल हीटवेव की चपेट में, काशी विश्वनाथ धाम में रोज पहुंचे डेढ़ लाख श्रद्धालु

वाराणसी (सुरेश गांधी)। पूरा पूर्वांचल मंगलवार को भीषण गर्मी और हीटवेव की चपेट में रहा। वाराणसी में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान किया, जबकि दोपहर तक सड़कें तपने लगीं और शहर के कई हिस्सों में सामान्य गतिविधियां धीमी पड़ गईं। लेकिन इस आग उगलती गर्मी के बीच काशी में एक अलग ही तस्वीर दिखाई दी। एक ओर बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ के दरबार में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता रहा, तो दूसरी ओर बड़े मंगलवार के अवसर पर हनुमान मंदिरों में भी आस्था सिर चढ़कर बोली। मंगलवार को काशी की सुबह जहां सूरज की तेज किरणों के साथ हुई, वहीं मंदिरों के घंटों और जयकारों की ध्वनि ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। शहर के प्रमुख हनुमान मंदिरों और बाबा विश्वनाथ धाम में सुबह से ही लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती चली गई। भीषण गर्मी के बावजूद बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था कम नहीं हुई। मंदिर न्यास के अनुसार प्रतिदिन लगभग डेढ़ लाख श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए धाम पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए धाम परिसर में विशेष इंतजाम किए गए हैं।

धाम के विभिन्न स्थानों पर आरओ वाटर कूलर लगाए गए हैं, जबकि कई स्थानों पर बड़े मटकों में ठंडे पानी की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं को ओआरएस और ग्लूकोज भी उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि गर्मी के कारण किसी प्रकार की परेशानी न हो। श्रद्धालुओं के पैरों को गर्म फर्श से बचाने के लिए पूरे धाम परिसर में जूट मैट बिछाई गई हैं। दर्शन मार्ग पर छाया के लिए जर्मन हैंगर और टेंसाइल स्ट्रक्चर लगाए गए हैं। साथ ही गर्मी की तपिश कम करने के लिए मिस्ट फैन भी लगाए गए हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए आरोग्य केंद्र, एंबुलेंस और प्रशिक्षित कर्मियों की भी व्यवस्था की गई है। उधर बड़े मंगलवार के अवसर पर काशी के संकटमोचन, दुर्गाकुंड, अर्दली बाजार, चौक, लंका, भेलूपुर, पांडेयपुर सहित शहर के प्रमुख हनुमान मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दिखाई दीं। भक्तों ने बजरंगबली को सिंदूर, चमेली का तेल, लाल वस्त्र और प्रसाद अर्पित कर परिवार के सुख-समृद्धि और संकटों से मुक्ति की कामना की।
मंदिरों में दिनभर सुंदरकांड पाठ, भजन-कीर्तन और विशेष पूजन का आयोजन चलता रहा। "जय श्रीराम" और "बोलो पवनपुत्र हनुमान की जय" के जयकारों से पूरा वातावरण गूंजता रहा। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी दिखाई नहीं दी। बड़े मंगलवार के अवसर पर शहरभर में अनेक धार्मिक, सामाजिक और व्यापारिक संगठनों द्वारा भंडारों का आयोजन भी किया गया। कई स्थानों पर पूड़ी-सब्जी, हलवा, छोले-चावल और प्रसाद वितरित किया गया, जबकि गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए शरबत, ठंडा पानी, बेल का शरबत, नींबू पानी और ओआरएस की व्यवस्था भी की गई। शहर के प्रमुख चौराहों और मंदिरों के आसपास सेवा शिविर लगाए गए, जहां स्वयंसेवक श्रद्धालुओं को राहत पहुंचाते नजर आए। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय रहा। प्रमुख मंदिरों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए। मंगलवार को काशी में दो तस्वीरें एक साथ दिखाई दीं—एक तरफ आसमान से बरसती आग और दूसरी तरफ श्रद्धा की वह ऊर्जा, जिसने तपती दोपहर को भी आस्था के उत्सव में बदल दिया।
दिनभर की बड़ी तस्वीर
• वाराणसी में पारा 45 डिग्री के करीब पहुंचा
• पूर्वांचल के कई जिले हीटवेव की चपेट में
• काशी विश्वनाथ धाम में प्रतिदिन लगभग डेढ़ लाख श्रद्धालु
• बड़े मंगलवार पर हनुमान मंदिरों में उमड़ी भारी भीड़
• शहरभर में भंडारे और शीतल पेय वितरण
• धाम में वाटर कूलर, ओआरएस, जूट मैट और मिस्ट फैन की व्यवस्था...
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